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उत्तराखंड में किसानों की आय बढ़ाने को धामी सरकार की पहल, मुधमक्खी पालन पर 80 फीसद तक सब्सिडी

उत्तराखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन से जोड़ने के लिए 80 फीसद तक सब्सिडी दी जा रही है। सीएम धामी ने इसे स्वरोजगार और अतिरिक्त आय से जोड़ने की पहल बताया है।

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उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन के लिए दी जा रही सब्सिडी

उत्तराखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यानी गुरुवार, 24 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि राज्य में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 80 फीसद तक अनुदान की सुविधा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसरों से जोड़ना है। साथ ही, स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

मधुमक्खी पालन के लिए सरकारी सहायता

उत्तराखंड के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं में मधुमक्खी पालन (Beekeeping Scheme) भी शामिल है। विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मधुमक्खी पालन योजना के तहत मौन बक्सों और कॉलोनियों के वितरण के साथ ट्रेनिंग का प्रावधान भी है।

मधुमक्खी पालन से किसानों को शहद उत्पादन के अलावा फसलों में परागण का भी लाभ मिल सकता है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (NBHM) का उद्देश्य भी वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना, शहद एवं अन्य मधुमक्खी उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना और आय व रोजगार के अवसर तैयार करना है।

किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया

पहाड़ी क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को खेती और बागवानी के साथ जोड़ा जा सकता है। ऐसे में किसान अपनी मौजूदा गतिविधियों के साथ शहद उत्पादन को अतिरिक्त आय के स्रोत के तौर पर अपना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इसी दिशा में 80 फीसद तक अनुदान की सुविधा को किसानों के लिए एक अवसर के रूप में रेखांकित किया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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