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UP में SIR अभियान की अंतिम तारीख खत्म, 2.89 करोड़ मतदाताओं के कटेंगे नाम, पढ़ें- पूरी जानकारी

जिन जिलों में सबसे अधिक नाम कट रहे हैं उनमें लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा व बरेली जैसे जिले शामिल हैं। मतदाता सूची में दर्ज 1.11 करोड़ मतदाताओं के रिकार्ड नहीं मिल रहे। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में न तो इनके और न ही इनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम मिले हैं।

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UP में SIR अभियान की अंतिम तारीख खत्म (PTI)

UP SIR News: उत्तर प्रदेश में SIR अभियान की अंतिम तारीख खत्म हो गई है। SIR अभियान में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ के नाम कटने अब तय हैं। यह कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत है। अब 31 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा।

जिन जिलों में सबसे अधिक नाम कट रहे हैं उनमें लखनऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर, आगरा व बरेली जैसे जिले शामिल हैं। मतदाता सूची में दर्ज 1.11 करोड़ मतदाताओं के रिकार्ड नहीं मिल रहे। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में न तो इनके और न ही इनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम मिले हैं।

इसके अलावा 31 दिसंबर से 30 जनवरी तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। इसी तरह 31 दिसंबर से 21 फरवरी तक उन मतदाताओं को नोटिस दिए जाएंगे जिनके रिकार्ड नहीं मिल पाए हैं। दावे व आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 28 फरवरी को होगा।

अनकलेक्टेबल कैटेगरी में करोड़ों वोटर्स

यूपी में शुक्रवार को खत्म हुई वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान, 2.89 करोड़ यानी कुल वोटर्स का 18.7% हिस्सा अभी भी अनकलेक्टेबल कैटेगरी में पाया गया है। इसमें मौत, दूसरी जगह शिफ्ट हुए वोटर, कहीं और वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड लोग, गैर-मौजूद या जिनका पता नहीं चल पाया, और जिन्होंने साइन करने से मना कर दिया या फॉर्म वापस नहीं किए, वे सभी शामिल हैं।

शुरुआती डेटा के अनुसार, इस संख्या में लगभग 1.3 करोड़ ऐसे वोटर शामिल हैं जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं। इसके अलावा, लगभग 45 लाख वोटर मृत थे और लगभग 23 लाख वोटर ऐसे थे जिनका नाम दो जगहों पर दर्ज था और उन्होंने SIR के दौरान इसकी जानकारी दी थी। लगभग 9.4 लाख SIR फॉर्म वापस नहीं आए, जबकि लगभग 84.5 लाख वोटर गैर-मौजूद थे।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 90% वोटर मैपिंग पूरी हो चुकी है, और डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। राज्य में अभी 15.4 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटर हैं। बता दें कि बूथ लेवल अधिकारियों ने 4 नवंबर को SIR फॉर्म बांटना शुरू किया था। गिनती की प्रक्रिया पूरी करने की पहली डेडलाइन 4 दिसंबर थी, लेकिन इसे दो बार बढ़ाया गया और आखिरकार शुक्रवार को यह खत्म हो गई।

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