UP Rajya Sabha Chunav: उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनाव आयोग द्वारा 16 अक्टूबर को मतदान की तिथि तय करने के बाद सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी सपा आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ही दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया है।
इस सियासी घमासान में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने सपा पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की पार्टी के लगभग 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। सपा द्वारा राज्यसभा चुनाव में 'सरप्राइज' देने के दावों पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा कि विपक्षी दल किसी मुगालते में न रहे, बीजेपी उन्हें ऐसा सरप्राइज देगी जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। साथ ही उन्होंने विरोधी दलों के गठबंधन को 'भानुमति का कुनबा' करार देते हुए कहा कि हार के बाद विपक्ष हमेशा ईवीएम पर दोष मढ़ता है।
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केशव मौर्य के दावे को अखिलेश ने किया खारिज
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम के दावों को खारिज करते हुए उलटे सत्ता पक्ष को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, लेकिन चुनौती यह है कि उन्हें पार्टी में कैसे एडजस्ट किया जाए। उन्होंने साफ किया कि आने वाले चुनावों में पार्टी का घोषणापत्र पूरी तरह से किसानों के हितों पर केंद्रित होगा, क्योंकि है।
बृजभूषण शरण सिंह पर भी अखिलेश ने दिया बयान
बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के बयानों पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनके साथ रिश्ते बहुत अच्छे हैं और उत्तर प्रदेश के विकास व किसानों की भलाई के लिए सभी एकजुट हैं। गठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराना गठबंधन ही आगे कायम रहेगा। वर्ष 2022 के चुनाव परिणामों और मतदाता सूचियों पर सवाल उठाने वाली सपा अब इस राज्यसभा चुनाव को लेकर बेहद सतर्क है। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावों और जवाबी हमलों ने 16 अक्टूबर के चुनाव को बेहद दिलचस्प और संवेदनशील बना दिया है।
