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यूपी में 'नीले' और 'लाल' पर सियासी संग्राम, मायावती का अखिलेश पर तीखा हमला, बोलीं- सपा बदल रही गिरगिट की तरह रंग

UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले मायावती ने अखिलेश यादव और सपा पर बड़ा हमला बोला है। सपा छात्रसभा के नीले ड्रेस कोड पर निशाना साधते हुए मायावती ने सपा को 'फेक अम्बेडकरवादी' बताया और कहा कि 'पीडीए रथ' का लाल से ज्यादा भगवाकरण हो चुका है।

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मायावती का अखिलेश पर बड़ा हमला

Photo : PTI

UP News: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की दस्तक के साथ ही 'रंगों की राजनीति' पर घमासान छिड़ गया है। हाल ही में समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने छात्र संगठन 'समाजवादी छात्रसभा' के लिए नीली टी-शर्ट और लाल टोपी का नया ड्रेस कोड तय करने और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले मफलर में नजर आने के बाद, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक लंबा पोस्ट कर सपा पर करारा हमला बोला है। मायावती ने सपा की इस नई 'रंग-नीति' को वोट बैंक का स्वार्थ, अवसरवादिता और 'फेक अम्बेडकरवाद' करार दिया है।

मायावती ने उठाए सपा की नीयत और नीति पर सवाल

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया पर सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और चुनावी रणनीति पर निशाना साधा। मायावती ने लिखा कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए अखिलेश यादव का प्रचारित 'पीडीए रथ' सपा के अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के 'भगवा' रंग का ज्यादा नजर आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता में यही चर्चा है कि यह सब वोटों के स्वार्थ के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा का भरोसा पूरी तरह उठ जाना है?

"सपा का रूप- 'फेक अम्बेडकरवादी'"

मायावती ने अपनी पूर्ववर्ती सरकारों अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, व्यापक जनहित और विकास को में बेहतर बताते हुए सपा के PDA की फुलफॉर्म पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि सपा को जनता को बताना चाहिए कि उनके 'PDA' की असली वास्तविकता क्या है? चुनावी स्वार्थ में इन्होंने कभी 'PD' को 'पिछड़ा, दलित' तो कभी 'पंडित' बताया। कभी खुद को अम्बेडकरवादी दिखाने के चक्कर में बसपा का 'नीला' रंग पहनकर तस्वीरें खिंचवाईं, जिसे जनता ने तुरंत 'फेक अम्बेडकरवादी' कहकर खारिज कर दिया।

आखिर क्यों सपा ने अपनाया 'नीला' रंग?

दरअसल, सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने पारंपरिक रंग के दायरे से बाहर निकलकर बहुजन प्रतीक चिह्नों को सपा के बैनर तले लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। बीते दिनों 'समाजवादी छात्रसभा' के कार्यकर्ताओं के लिए नीली टी-शर्ट और लाल टोपी का ड्रेस कोड लागू किया गया है। इसके अलावा अखिलेश यादव खुद सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में नीले रंग का मफलर पहने नजर आए। बसपा के सबसे मजबूत कैडर 'दलित वोट बैंक' में अखिलेश यादव की इस सेंधमारी से बसपा खेमा असहज है। यही वजह है कि मायावती ने सीधे तौर पर सपा के 'नीले प्रयोग' को नकली करार देते हुए यह कहा है कि समाजवादी पार्टी सिर्फ वोटों के लिए अपने रंग और नीतियां बदलती है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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