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Ahmedabad की चॉकलेट फैक्ट्री में भीषण आग, बुझाने में लग गया 1 लाख लीटर पानी, MP का युवक जली हुई हालत में मिला

अहमदाबाद जिले के बावला-अहमदाबाद रोड पर स्थित लीमैक चॉकलेट कंपनी में भीषण आग लग गई। 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जहां MP के एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ है।

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चॉकलेट फैक्ट्री में लगी आग

गुजरात के अहमदाबाद जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। बावला-अहमदाबाद मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध 'लीमैक' कंपनी के चॉकलेट विनिर्माण प्लांट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की विकराल लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग बुझाने के अभियान के दौरान दमकल विभाग की टीम को इमारत के भीतर मध्य प्रदेश के रहने वाले एक युवा कर्मचारी का झुलसा हुआ शव मिला है।

चॉकलेट प्रोडक्शन वाली तीसरी मंजिल से भड़की आग

अहमदाबाद के प्रह्लादनगर फायर स्टेशन के अधिकारी मनुभाई सोलंकी के अनुसार आग प्लांट की तीसरी मंजिल पर लगी थी, जहां मुख्य रूप से चॉकलेट बनाने का काम चल रहा था। तीसरी मंजिल और छत पर बड़ी मात्रा में पैकिंग के लिए गत्ते और पैकेजिंग सामग्री रखी हुई थी। गत्तों ने तुरंत आग पकड़ ली, जिससे लपटें तेजी से पूरी इमारत में फैल गईं। साणंद, बावला और अहमदाबाद के फायर स्टेशन से 4 गाड़ियां की टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। दमकल की दर्जनों टीमों ने करीब 3 घंटे तक चले मैराथन अभियान में लगभग 1 लाख लीटर पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया, जिसके बाद कूलिंग प्रक्रिया शुरू की गई।

कर्मचारियों में भगदड़, MP के युवक की मौत

जैसे ही इमारत से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं, फैक्टरी में काम कर रहे अधिकांश कर्मचारी अपनी जान बचाकर बाहर भाग निकले। हालांकि, बाहर निकलकर जब कर्मचारियों ने काम के स्थान को लपटों में घिरा देखा तो वे बदहवास हो गए। फायर अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान अंदर मध्य प्रदेश निवासी एक युवा कर्मचारी अचेत और अत्यधिक जली हुई अवस्था में मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाने और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की सटीक पहचान और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह बाकी कर्मचारियों की तरह समय पर बाहर क्यों नहीं निकल सका।

फायर सेफ्टी और लाइसेंस की होगी गहन जांच

इस भीषण आग में फैक्ट्री की तीसरी मंजिल और वहां रखी लाखों रुपये की मशीनरी तथा तैयार माल जलकर खाक हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीम इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या कंपनी के पास वैध लाइसेंस था और वहां NOC के अनुरूप फायर सेफ्टी उपकरण कार्यशील अवस्था में थे या नहीं। सुरक्षा मानकों में ढिलाई पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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