उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में देर रात हुए जोरदार धमाके के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। इस घटना की जिम्मेदारी 'गाजी 2' नाम के एक एक्स (X) अकाउंट से कथित तौर पर 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन-ए-हिन्दुस्तान' नाम के एक संगठन द्वारा लिए जाने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट और वीडियो संदेश में पुलिस को निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस और साइबर सेल इस वायरल पोस्ट तथा वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की गहनता से तकनीकी जांच कर रही है।
'गाजी 2' एक्स अकाउंट पर क्या किया गया है दावा?
सोशल मीडिया पर जारी किए गए पोस्ट और एक ऑडियो-वीडियो संदेश के जरिए इस धमाके को जानबूझकर अंजाम देने की बात कही गई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने पुलिस को निशाना बनाकर यह कार्रवाई की है। वायरल हो रहे वीडियो में बोला गया है कि तहरीक-ए-मुजाहिदीन-ए-हिन्दुस्तान की तरफ से आज मैं ऐलान करता हूं कि हमने गाजियाबाद में कार्रवाई करते हुए पुलिस को निशाना बनाया है..." पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व या भय फैलाने के इरादे से किया गया फर्जी दावा भी हो सकता है, इसलिए फॉरेंसिक और साइबर टीमें पोस्ट के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही हैं। हम ये साफ कर दें कि मामला जांच के दायरे में है, पुलिस इस मामले में जांच कर रही है, टाइम्स नाउ नवभारत इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है।
देर रात 10 बजे हुआ था जोरदार धमाका, उड़े थे AC और खिड़कियों के शीशे
उल्लेखनीय है कि घटना देर रात करीब 10 बजे की है, जब वसुंधरा पुलिस चौकी के भीतर अचानक एक भयानक विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि पुलिस चौकी के एसी (AC) पूरी तरह उड़ गए और खिड़कियों के शीशे टूटकर दूर जा गिरे। विस्फोट की गूंज से आसपास के रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया। घटना के वक्त गनीमत यह रही कि चौकी के अंदर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
20 वर्षीय फूड डिलीवरी ब्वॉय गंभीर रूप से घायल
चौकी के बाहर से गुजर रहा एक बाहरी युवक इस खतरनाक धमाके की चपेट में आ गया। घायल की पहचान गाजियाबाद के अर्थला निवासी 20 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है, जो फूड डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता है। धमाके के वक्त वहां से गुजर रहे विशाल को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत दिल्ली के सूर्य नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
सुरक्षा एजेंसियां और बम निरोधक दस्ता मुस्तैद
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस, यूपी एटीएस (ATS), फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला (FSL) और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या यह कोई क्रूड बम, सिलेंडर/एसी गैस रिसाव की घटना थी या फिर वास्तव में किसी साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों और एक्स अकाउंट के वेरिफिकेशन के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
