Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मौलाना तौकीर रजा खान को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने तौकीर रजा की जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके बाहर आने से समाज की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने 5 जून को तौकीर रजा की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद पारित किया।
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भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उकसाया: हाईकोर्ट
जमानत याचिका को नामंजूर करते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने रिकॉर्ड और चश्मदीदों के बयानों का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा, "मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखने से यह स्पष्ट होता है कि आवेदक (तौकीर रजा) ने एक सार्वजनिक सभा में मुस्लिम समुदाय के कई युवाओं को इस्लामिया इंटर कॉलेज में इकट्ठा होने के लिए उकसाया था।"
अदालत ने आगे तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS 2023) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद, आरोपी के भड़काऊ भाषण से प्रभावित होकर भारी भीड़ इस्लामिया इंटर कॉलेज की तरफ बढ़ी। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ हिंसक हो गई। उपद्रवियों ने आगजनी की, पुलिस पर पथराव किया, पेट्रोल बम और एसिड की बोतलें फेंकी, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। वीडियो क्लिप और गवाहों के बयान साबित करते हैं कि तौकीर रजा ही वह मुख्य व्यक्ति था जिसने भीड़ को उकसाया था, इसलिए मुख्य साजिशकर्ता होने के नाते वह भीड़ द्वारा किए गए अपराधों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।
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क्या था पूरा मामला?
पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, 26 सितंबर को तौकीर रजा खान ने एक विशेष समुदाय के लोगों को बरेली के इस्लामिया इंटर कॉलेज में एकत्र होने का आह्वान किया था। प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, करीब 200 से 250 लोगों की उग्र भीड़ मौलाना आजाद इंटर कॉलेज से श्यामगंज चौराहे की तरफ बढ़ने लगी। भीड़ के हाथों में भड़काऊ नारे लिखे बोर्ड थे और वे लगातार नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें समझाने और रोकने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर ही हमला बोल दिया। इस हिंसक टकराव के दौरान भीड़ की तरफ से गोलियां भी चलाई गईं, पुलिसकर्मियों के कपड़े फाड़ दिए गए और दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
