यूपी में आज का मौसम (15 May 2026): उत्तर प्रदेश में मौसम के दो चरम रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 72 लोग घायल हैं। तबाही का मंजर इतना खौफनाक था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी को शोक संदेश भेजकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
प्रयागराज में सबसे ज्यादा तबाही, CM योगी ने दिए राहत के निर्देश
तूफान का सबसे भयावह रूप प्रयागराज में देखने को मिला, जहां अकेले 24 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्य के 26 जिलों से मौतों की खबरें आई हैं। इसके अलावा 170 पशुओं की जान गई है और 227 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मंत्रियों को जमीन पर उतरकर हालात का जायजा लेने को कहा है।
आज का मौसम: कहीं आंधी-बारिश, तो कहीं भीषण लू
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, शुक्रवार को यूपी में मौसम के दो अलग मिजाज दिखेंगे। बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में आज भीषण लू चलने की चेतावनी है। पिछले 24 घंटे में बांदा 45.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्र के 37 जिलों जिनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद आदि शामिल हैं, यहां 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
16 मई से और विकराल होगी गर्मी
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, अब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ रहा है, जिससे 16 मई से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। शनिवार से लू का दायरा बढ़कर 27 जिलों तक फैल जाएगा। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, आगरा, इटावा और जालौन जैसे जिलों में तापमान 43 से 45 डिग्री तक जा सकता है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग और राहत आयुक्त कार्यालय ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्ची दीवारों से दूर रहें। लू से बचने के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। बिजली कड़कने के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।
