लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट और ऊर्जा चुनौतियों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा समय में ऊर्जा संकट केवल भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण तेल सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है और दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महंगाई को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत अपनी 90 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, लेकिन कुछ लोग देश के साथ खड़े होने के बजाय सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे “अस्वस्थ मानसिकता” करार देते हुए कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता।
अचानक बढ़ी गर्मी से बिजली का संकट
बिजली संकट पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अचानक बढ़ी गर्मी और कई थर्मल पावर प्लांट के शटडाउन लेने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। हालांकि सरकार लगातार समाधान निकालने में जुटी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में पीक पावर सप्लाई 15 से 16 हजार मेगावाट होती थी, जो अब बढ़कर 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। वहीं बिजली उत्पादन भी पहले 6 हजार मेगावाट था, जो अब बढ़कर करीब 13 हजार मेगावाट हो गया है।
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारें जनता नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचती थीं। गरीबों, महिलाओं और युवाओं को योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में थी और नौजवानों की नौकरियों में भी भ्रष्टाचार होता था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कई लोग महंगी कारों में आकर सरकारी गमले तक चोरी कर लेते हैं। योगी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी करने से बेहतर था कि नया गमला खरीद लेते। इससे सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता। उन्होंने कहा कि एक बार तो उनके मन में आया कि ऐसे लोगों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दें।
