Trump On Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भीषण फ्लैश फ्लड और मलबे के सैलाब के कारण मची भयानक तबाही पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने नेपाल के नेतृत्व से बात की है और उन्हें जिस भी तरह की मदद की आवश्यकता होगी, अमेरिका वह देने के लिए पूरी तरह तैयार है। वाशिंगटन में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने नेपाल में आई इस आपदा को अभूतपूर्व करार दिया।
"पानी और मलबे का ऐसा रूप पहले कभी नहीं देखा"
नेपाल में हुई तबाही का खौफनाक मंजर बयां करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हमने नेपाल सरकार से संपर्क किया है और उन्हें जो भी मदद चाहिए, उसकी पेशकश की है। नेपाल के साथ हमारे बेहद अच्छे संबंध हैं। यह कोई मामूली आपदा नहीं थी- यह कीचड़ और पानी का ऐसा खौफनाक मिश्रण था, जैसा किसी ने पहले कभी नहीं देखा। बड़ी-बड़ी मजबूत इमारतें ऐसे बह गईं जैसे कि वे टूथपिक हों। यह बेहद भयानक घटना है। हम सहायता सामग्री भेज रहे हैं और हमने वहां के नेतृत्व को बता दिया है कि उन्हें जो भी चाहिए, हम उपलब्ध कराएंगे।
90 अमेरिकी नागरिक लापता, प्राथमिकता से जारी है रेस्क्यू अभियान
राष्ट्रपति ट्रंप ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित इलाकों में 50 से 60 के करीब अमेरिकी नागरिक मौजूद थे, जिनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स (CNN) के अनुसार, अमेरिका के विदेश विभाग ने 90 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की आशंका जताई है।वाइट हाउस की पूर्व प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पहली प्राथमिकता वहां मौजूद हर अमेरिकी नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
5 लाख डॉलर की आपातकालीन सहायता का ऐलान
अमेरिकी विदेश विभाग ने आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नेपाल के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर की शुरुआती आपातकालीन राहत सहायता की घोषणा की है।
यह सहायता राशि 'कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज' (CRS) के माध्यम से प्रभावित समुदायों को शेल्टर (आश्रय), राहत सामग्री, पीने का साफ पानी और स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए दी जाएगी। इसके अलावा, अमेरिका ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए अपना एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार (Disaster Response Advisor) क्षेत्र में तैनात कर दिया है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लापता अमेरिकियों की तलाश में जुटा है और नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
