उत्तर प्रदेश के कॉर्पोरेट सेक्टर और बड़े व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार अब बड़े संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) यानी घर से ही ऑनलाइन काम करने की व्यवस्था लागू कराने की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए जल्द ही एक विस्तृत एडवाइजरी (निर्देश) जारी करने के आदेश दिए हैं।
ऊर्जा बचत के लिए शिफ्ट और व्हीकल पूलिंग
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में कहा कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कार्यालयों के समय को अलग-अलग शिफ्ट में विभाजित करने का सुझाव दिया। साथ ही, कंपनियों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों को 'वाहन पूलिंग' करने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम किया जा सके।
बेरोजगार होने वाले प्रवासियों के लिए बनेगा हेल्प डेस्क
बैठक में एक और बेहद संवेदनशील वैश्विक मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापारिक आवागमन बाधित होने के कारण खाड़ी देशों में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के नागरिकों के बेरोजगार होने की आशंका गहरा गई है। इस संकट के संभावित दुष्प्रभावों को देखते हुए श्रम मंत्री ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष 'हेल्प डेस्क' स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, गैस और ऊर्जा आधारित इकाइयों में लागत बढ़ने के कारण होने वाली संभावित छंटनी पर भी नजर रखने को कहा गया है। प्रभावित श्रमिकों को 'ई-श्रम पोर्टल' (e-Shram Portal) के डाटा का उपयोग कर त्वरित सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा।
कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा और अफवाहों पर सख्ती
श्रम मंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर रोजगार और उद्योगों को लेकर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह के प्रति सतर्क रहने और उसका तुरंत निराकरण करने को कहा है। इसके अलावा, बैठक में श्रमिकों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए उन्हें कम तेल वाले भोजन (Low Oil Food) के प्रति जागरूक करने तथा ऊर्जा और संसाधनों की बचत जैसे उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने विभिन्न श्रेणियों की मजदूरी की अद्यतन दरों को पारदर्शी बनाने और निर्माण श्रमिकों के हितलाभ संबंधी आवेदनों की मासिक समीक्षा करने के भी कड़े निर्देश दिए।
