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मंदिरों को तोड़कर अपनाया काशी मॉडल, ध्वस्त कर दी बनारस की संस्कृति; योगी-मोदी पर बरसे UP कांग्रेस अध्यक्ष

अजय राय ने दावा किया कि अक्षय वट वृक्ष को काट दिया गया, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और कसौटी के पत्थर से बने लक्ष्मीनारायण मंदिर को भी तोड़े जाने का आरोप लगाया गया, जबकि लक्ष्मीनारायण मंदिर की मूर्ति अब गायब है।

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UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (फोटो-@INCIndia)

वाराणसी : काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने योगी-मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विकास के नाम पर काशी की हजारों साल पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त किया गया है। बाबा विश्वनाथ धाम में कॉरिडोर के नाम पर मॉल जैसा ढांचा खड़ा कर दिया गया, जिसके लिए सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को तोड़ा गया।

अजय राय ने दावा किया कि अक्षय वट वृक्ष को काट दिया गया, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और कसौटी के पत्थर से बने लक्ष्मीनारायण मंदिर को भी तोड़े जाने का आरोप लगाया गया, जबकि लक्ष्मीनारायण मंदिर की मूर्ति अब कथित तौर पर गायब है।

काशी को बुलडोजर से बदल दिया

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह दावा करते हैं कि उन्होंने काशी को संवारा है, लेकिन हकीकत यह है कि काशी को बुलडोजर से बदल दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले गुजरात में भी बड़ी संख्या में मंदिरों को तोड़ा गया था और अब वही मॉडल काशी में अपनाया गया है। जय राय ने यह भी कहा कि पूरे प्रोजेक्ट का काम गुजरात के ठेकेदारों को दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

अजय राय ने मणिकर्णिका घाट को लेकर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर घाट की मूल धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जबकि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती की यात्रा के दौरान यहां मणि गिरने से इसका नाम मणिकर्णिका पड़ा था। सरकार पर सनातन परंपरा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि काशी के लोग इस बदलाव से आहत हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के आसार हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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