'योगी की पाती' से जनता को संदेश: डिजिटल अरेस्ट से न डरें, यूपी में अब हर जिले में है साइबर थाना
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Jan 5, 2026, 11:15 AM IST
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की जनता को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए पत्र लिखा, जिसे 'योगी की पाती' नाम दिया गया। उन्होंने पत्र में साफ किया है कि मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को जितना आसान बनाया है, उतना ही शातिर ठगों ने इसका प्रयोग कर ठगी के नए-नए तरीके ढूंढ लिए हैं। लेकिन अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हर जिले में साइबर थाने हैं, जो जनता की सहायता करेंगे।
'योगी की पाती' से जनता को संदेश
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश की जनता के नाम एक भावनात्मक और जागरूक करने वाला पत्र साझा किया है, जिसे 'योगी की पाती' नाम दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने आधुनिक दौर की सबसे बड़ी चुनौती 'साइबर अपराध' को लेकर आम नागरिकों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। सीएम योगी ने साफ किया कि मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को जितना सुगम बनाया है, शातिर ठगों ने इसके जरिए लोगों को ठगने के नए रास्ते भी निकाल लिए हैं।
डिजिटल अरेस्ट से न डरें - सीएम योगी की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, वॉट्सऐप या सोशल मीडिया के माध्यम से न तो किसी को गिरफ्तार करती है और न ही रुपयों की मांग करती है। ठग अक्सर खुद को सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते हैं। सीएम ने जनता से अपील की कि वे ऐसे झांसों में बिल्कुल न आएं और निडर होकर इसका सामना करें।
75 जिलों में साइबर थानों का सुरक्षा कवच
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो साइबर थाने थे। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है; उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब साइबर क्राइम थाने क्रियाशील हैं। इसके साथ ही, हर स्थानीय थाने में 'साइबर हेल्प डेस्क' की स्थापना की गई है ताकि पीड़ितों को तुरंत सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के उपयोग में भी सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि अपराधी आपकी निजी जानकारी या लोकेशन का गलत फायदा न उठा सकें।
हेल्पलाइन का करें उपयोग
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने बचाव का मूल मंत्र साझा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत जानकारी और ओटीपी (OTP) कभी किसी से साझा न करें। यदि सावधानी के बावजूद कोई ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर युवाओं से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को इसके प्रति जागरूक करें ताकि मिलकर एक सुरक्षित और 'साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश' का निर्माण किया जा सके।
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