शहर

गुजरात में दर्दनाक हादसा, घर में आग लगने से 2 की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Gujrat Fire: सुरेंद्रनगर के लिमडी इलाके की वोरा सोसायटी में देर रात घर में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया।

Gujrat Fire: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां लिमडी इलाके (Limbdi house fire) की वोरा सोसायटी में देर रात एक घर में अचानक आग लग गई। यह मकान रिहायशी क्षेत्र में था, इसलिए आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि घर के अंदर उस समय तीन लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। इस हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीसरे व्यक्ति को किसी तरह बाहर निकाला गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

काफी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, परिवार के कुछ लोगों को शक है कि मोबाइल ब्लास्ट की वजह से भी यह हादसा हो सकता है। फिलहाल, आग लगने के सही कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा भी तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।

घटना की जांच जारी

इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी भी तुरंत सक्रिय हो गए। नायब कलेक्टर, डीवाईएसपी और स्थानीय विधायक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं ताकि आग लगने के सही कारण का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि घर में बिजली से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

और पढ़ें
End of Article