Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई फिर से ट्विशा के आखिरी पलों को रिक्रिएट करने की योजना बना रही है। इसके लिए कटारा हिल्स स्थित आवास का वर्चुअल ‘टनल व्यू’ तैयार किया है। इस डिजिटल सिस्टम के माध्यम से एजेंसी ट्विशा के अंतिम घंटों की गतिविधियों को मिनट-टू-मिनट रीक्रिएट कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद के हर घटनाक्रम की स्पष्ट टाइमलाइन का पता चल सके।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जांच अधिकारी (IO) सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और कमरों की फोरेंसिक मैपिंग को मिलाकर घर का पूरा वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रहे हैं। यह मॉडल तीन मंजिलों पर ट्विशा की आखिरी ज्ञात गतिविधियों को विजुअली ट्रैक करने में सक्षम होगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि घटना के समय कौन कहां मौजूद था और किसने किस क्षेत्र में प्रवेश या निकास किया।
घटनाक्रम की गायब कड़ियों को जोड़ेगी सीबीआई
एजेंसी इस डिजिटल रिकंस्ट्रक्शन के माध्यम से यह भी पता लगा रही है कि क्या किसी अहम डिजिटल साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ हुई है और उसे हटाया गया या छुपाया तो नहीं गया है। जांच टीम घटनाक्रम में कई गायब कड़ियों और टाइम गैप्स को जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि पूरी घटना का स्पष्ट सीकवेंस तैयार किया जा सके।
ट्विशा के पिता के गंभीर आरोप
इसी बीच सीबीआई अधिकारी इस मामले में मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ और सास गिरिबाला के बयान दर्ज कर रहे हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कोर्ट में बताया कि उनकी बेटी ने रात 9:41 बजे उनके व्हाट्सएप पर कॉल किया था, जिसे उसकी मां ने रिसीव किया। इस दौरान बैकग्राउंड में समर्थ के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी, जिसके बाद अचानक कॉल कट गया। जिससे घबराए पिता ने लगभग 20 मिनट तक गिरिबाला सिंह को लगातार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, ट्विशा शर्मा की मौत रात करीब 10:20 बजे भोपाल स्थित ससुराल में फांसी लगाने से हुई थी। लेकिन पुलिस को AIIMS अस्पताल से रात करीब 12 बजे सूचना मिली। फिलहाल सीबीआई इस पूरे घटनाक्रम की डिजिटल और फोरेंसिक जांच के जरिए सभी पहलुओं से पड़ताल कर रही है।
