Top Maoist Leader Asim Mandal Arrested: पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर इलाके से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और राज्य सचिव असीम मंडल उर्फ 'आकाश' को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। 15 से अधिक वर्षों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा दे रहे आकाश की गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियानों में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच 'X' के जरिए पुलिस बल की इस असाधारण अभियान क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में 'लाल आतंक' के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून ऐसे प्रयासों को पूरी सख्ती के साथ कुचल देगा।
कौन है माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश?
64 वर्षीय असीम मंडल उर्फ आकाश माओवादी संगठन के उन गिने-चुने शीर्ष नेताओं में से एक है, जो संगठन को लगे बड़े झटकों के बाद भी कभी पकड़े नहीं गए और जिन्होंने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उसकी खौफनाक गतिविधियों को देखते हुए झारखंड सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.2 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था।
मूल रूप से पश्चिम मिदनापुर जिले के फूलचक गांव का रहने वाला आकाश 1980 के दशक से ही वामपंथी उग्रवाद में सक्रिय था। वह पहले पीपल्स वॉर ग्रुप (PWG) से जुड़ा और बाद में भाकपा (माओवादी) के गठन के बाद बंगाल और झारखंड में संगठन की कमान संभाली। प्रसिद्ध लालगढ़ आंदोलन में भी उसने मुख्य भूमिका निभाई थी।
2010 में सुदीप चोंगदार की गिरफ्तारी के बाद आकाश को राज्य सचिव बनाया गया था। माओवादी नेता किशनजी की मौत के बाद उसने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और सारंडा के जंगलों में शरण ले रखी थी। हाल के दिनों में अपने साथियों के पकड़े जाने के बाद वह एक छोटी टीम के साथ बंगाल सीमा में दाखिल हो रहा था, जहां पुलिस ने उसे धर दबोचा।
