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महिलाओं पर काल बनकर टूटे 3 भालू, रेस्क्यू में हुई देरी तो बेटी और मौसी ने दिखाया साहस, खूनी संघर्ष कर बचाई जान

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जंगल से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर तीन जंगली भालुओं ने हमला कर दिया। मां को बचाने के लिए 19 साल की बेटी और उसकी मौसी ने जान जोखिम में डालकर भालुओं का सामना किया और अद्भुत बहादुरी दिखाई।

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मध्य प्रदेश के पन्ना में भालूओं का कहर (फोटो- AI)

Panna Bear Attack: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। पन्ना के उत्तर वन मंडल क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई महिलाओं पर तीन जंगली भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। घटना देवेंद्रनगर रेंज के डूंगरा पहाड़ की बताई जा रही है, जहां बिंदा राय नाम की महिला पर भालुओं ने जानलेवा हमला बोल दिया।

जांबाज बेटी और मौसी ने किया संघर्ष

जंगल में चीख-पुकार मच गई, लेकिन इसी बीच उनकी 19 वर्षीय बेटी ईसा राय ने अद्भुत साहस दिखाते हुए मां को बचाने के लिए तीनों भालुओं का डटकर सामना किया। इस संघर्ष में बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। वहीं पास में मौजूद मौसी पूर्णिमा भी पत्थर लेकर शोर मचाते हुए भालुओं के सामने खड़ी हो गईं। तीनों महिलाओं के साहस और संघर्ष के आगे आखिरकार भालुओं को वहां से भागना पड़ा।

समय पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस

घटना के बाद घायल मां-बेटी लंबे समय तक मदद के इंतजार में तड़पती रहीं। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद 108 एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। बाद में ग्रामीणों ने निजी ऑटो की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद वन विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

इससे पहले भी हुआ था भालू का हमला

कुछ दिन पहले जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक महिला पर अचानक एक भालू ने हमला कर दिया। महिला की चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना अपनी जान की चिंता किए लाठी-डंडों के सहारे भालू का सामना करने लगे। ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए घायल महिला को भालू के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया। घटना के बाद वन विभाग ने जंगल में जाने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा है कि तेंदूपत्ता या अन्य वन उपज एकत्र करने के दौरान कभी अकेले जंगल में न जाएं, हमेशा समूह में रहें और सुरक्षा के लिए अपने साथ लाठी जरूर रखें। वन विभाग के मुताबिक जंगल में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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