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Bomb Hoax: अमृतसर-मुंबई एक्सप्रेस में होगा बम विस्फोट, मचा हड़कंप; RPF को मिली ये चीज

अमृतसर से मुंबई के बीच चलने वाली Amritsar-Mumbai CSMT Express को बम से उड़ाने की धमकी के बाद हड़कंप मच गया। रेलवे पुलिस बल ने आनन-फानन में चेकिंग कर पार्सल से पटाखे बरादम किए हैं। फिलहाल, किसी खतरे की बात नहीं है।

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(फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुंबई: अमृतसर से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 11058 के पार्सल वैन में बम की कॉल मिलने से जीआरपी कंट्रोल रूम में खलबली मच गई। जब गहनता से जांच की गई तो जीआरपी को पटाखे मिले। जिसके बाद अधिकारियों ने चैन की सांस ली है। मिली जानकारी के अनुसार, 11058 अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में दिल्ली से आए एक पार्सल में 'बम' होने की सूचना जीआरपी कंट्रोल रूम को मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर मिली थी। कॉल का संज्ञान लेते हुए बम निरोधी दस्ता और डॉग स्क्वाड के साथ जीआरपी व आरपीएफ के जवान पार्सल ऑफिस पहुंचे। यहां पार्सल वैन की अच्छे से जांच की गई तो एक बोरी में पटाखे से भरे दो बॉक्स मिले। दोनों बॉक्स में 30 पटाखे रखे थे। पटाखों की बोरी पर मार्कर से एक जगह का पता भी लिखा गया था। जिस पार्सल वैन में विस्फोटक आने की जानकारी मिली थी, उसे निजी कंपनी ने लीज पर लिया है।

पार्सल वैन विस्फोटक

पार्सल वैन की जांच के बाद रेलवे ने पार्सल कंपनी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आरपीएफ ने दोनों बॉक्स को कब्जे में ले लिया है और अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरपीएफ इस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन पार्सल में इतनी बड़ी लापरवाही ने रेलवे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आरपीएफ एक्ट के तहत ट्रेन में किसी भी तरह के ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं जा सकते हैं। आरपीएफ इस कड़ी को सुलझाने का प्रयास कर रही है कि आखिर कैसे पार्सल वैन विस्फोटक आया।

बता दें कि 11058 अमृतसर-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस तक सप्ताह के सातों दिन चलती है। यह ट्रेन करीब 40 घंटे में 2046 किलोमीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर क्लास कोच की सुविधा यात्रियों को मिल रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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