शहरों को जाम मुक्त करने और हिल स्टेशनों की खूबसूरती को और बढ़ाने के लिए सरकारें तमाम कोशिशें करती हैं। विशेषतौर पर हिल स्टेशनों की खूबसूरती को पर्यटक अपनी आंखों में हमेशा के लिए बसा लें, इसके लिए रोपवे सबसे अच्छे माध्यमों में से एक है। हमारे देश में नैनीताल सहित कई हिल स्टेशनों पर रोपवे मौजूद हैं। अब हमारे ही देश के एक मशहूर हिल स्टेशन पर एशिया का सबसे लंबा रोपवे बनाने की तैयारी की जा रही है। यह रोपवे दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
कहां बनेगा एशिया का सबसे लंबा रोपवे
एशिया का सबसे लंबा रोपवे 13.79 किमी लंबा होगा। इस रोपवे को मशहूर हिल स्टेशन और हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बनाया जाएगा। इस रोपवे के बन जाने से शिमला में न सिर्फ पर्यटकों की आमद बढ़ेगी, बल्कि शिमला शहर को ट्रैफिक के दर्द से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है। ट्रैफिक कम होने और रोपवे से शिमला की वादियों का नजारा अद्भुत और अविस्वमरणीय हो जाएगा।
कहां से कहां तक बनेगा रोपवे
यह रोपवे मां तारा देवी को संजोली से जोड़ेगा। एक बार बनकर तैयार हो जाने के बाद तारा देवी-शिमला रोपवे दुनिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे बन जाएगा। दुनिया का सबसे लंबा रोपवे बोलीविया का Mi Teleférico है, जो कुल 32 किमी लंबा है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट की लागत करीब 1734.40 करोड़ रुपये आएगी। इस रोपवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया जाएगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने रोपवे एंड रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RRTSDC) के साथ गठजोड़ किया है। प्रोजेक्ट पर पहले ही काम शुरू हो चुका है और उम्मीद की जा रही है कि यह जल्द ही शिमला और उसके आसपास के परिदृश्य को बदलकर रख देगा।
एक बार में 2000 यात्री करेंगे सफर
मां तारा देवी को संजौली से जोड़ने वाला यह रोपवे करीब 60 किमी के क्षेत्रफल को कनेक्टिविटी देगा। इस पूरे रोपवे पर शिमला और आसपास के क्षेत्रों में 15 स्टेशन होंगे। रोपवे पर हर घंटे 2000 यात्री दोनों तरफ सफर कर पाएंगे और इससे शिमला शहर को ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
इस पूरे रोपवे में 660 कैबिन होंगे और हर कैबिन की कैपेसिटी 8-10 यात्रियों को लेकर जाने की होगी। हर 2-3 मिनट के अंदर कैबिन सभी 15 स्टेशनों पर पहुंचेंगे, जिससे निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। बोर्डिंग प्वाइंट्स पर 90 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे और सभीकैबिन पर भी ईको-फ्रेंडली सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
यहां होंगे रोपवे के स्टेशन
जैसा कि हमने ऊपर ही बताया, इस रोपवे पर कुल 15 स्टेशन होंगे, जिनमें से 14 के नाम यहां दिए गए हैं।
- मा तारा देगी (Maa Tara Devi)
- कोर्ट परिसर (Chakkar)
- टूटीकांडी पार्किंग (Tutikandi Parking Area)
- अंतरराज्यीज बस अड्डा (ISBT)
- टनल नंबर 103 (Tunnel No. 103)
- रेलवे स्टेशन (Railway Station)
- विक्टरी टनल (Victory Tunnel)
- पुराना बस स्टैंड (Old Bus Stand)
- लिफ्ट के बास (Boarding Area Station Near the Lift)
- लक्कड़ बाजार एरिया (Lakkar Bazaar Area)
- IGMC अस्पताल (IGMC Hospital)
- नवबहार (Navbahar)
- सचिवालय (Secretariat)
- संजौली (
Sanjauli )
बैंक को प्राथमिक तौर पर न्यू डेवलपमेंट बैंक की तरफ से फंडिंग हुई है, जिसमें लागत का 80 फीसद कवर है। बाकी का 20 फीसद हिस्सा सरकार वहन करेगी। बैंक ने एडवांस टेंडर को अप्रूव कर लिया है और शुरुआती कार्य पूरा कर लिया गया है।
