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इस महानगर पालिका ने कूड़े में ढूंढ़ा 'खजाना', कचरा उठाने का टैक्स बढ़ाकर करेगी 600 करोड़ की कमाई

आपके भी घर से कूड़ा निकलता ही होगा, जिसे स्थानीय निकाय आपके घर से इकट्ठा करके ले जाता है और उसका निस्तारण करता है। कूड़ा निस्तारण के लिए निकाय को अच्छी खासी धनराशि खर्च करनी पड़ती है। अब देश के एक नगर निकाय ने इस खर्च को आपसे ही वसूलने के लिए टैक्स में बढ़ोतरी का फैसला किया है।

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गार्बेज टैक्स में बढ़ोतरी से लोगों में गुस्सा

Photo : Twitter

बड़े महानगरों की एक बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी है। स्थानीय नगर निकाय इस जिम्मेदारी को संभालते हैं। घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करना और उसका उचित तरह से निस्तारण करने के लिए कई शहरों में नगर निकाय लोगों से टैक्स भी वसूलती है। ऐसे एक नगर निकाय ने कूड़े में खजाना खोज लिया है। निकाय ने कूड़ा उढाने के टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है और अब निकाय इससे 600 करोड़ रुपये की कमाई करेगा। विस्तार से समझते हैं -

कहां का है मामला

कूड़े से कमाई करने वाले इस नगर निकाय का नाम बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (BBMP) है। जी हां भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरू में कूड़ा उठाने पर यहां के BBMP ने कचरा सेस बढ़ा दिया है। इस तरह से शहर के घरों, होटलों, दुकानों आदि से कूड़ा-कचरा उठाने और उसके निस्तारण का खर्च बढ़ गया है।

महंगाई के एक के बाद एक झटके

बेंगलुरू में घर खरीदना या किराए पर लेना तो पहले से ही महंगा था। हाल के दिनों में कर्नाटक में दूध के दामों में 4 रुपये की बढ़ोतरी के साथ ही डीजल पर भी टैक्स बढ़ाया गया है। अब कूड़ा प्रबंधन के लिए भी सेस में बढ़ोतरी पर राजनीति भी हो रही है। भाजपा ने कूड़े-कचरे पर टैक्स बढ़ाने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने पूछा कि क्या डीके शिवकुमार (उप-मुख्यमंत्री) CM की कुर्सी पाने के लिए यह टैक्स बढ़ाया है।

कटरा टैक्स की रेट लिस्ट

BBMP का कहना है कि होटलों को पहले प्रति किलो कूड़े-कचरे के लिए 5 रुपये देने होते थे, अब उन्हें 12 रुपये देने होंगे। घरों के लिए भी कूड़ा-कचरा फीस बिल्डिंग के साइज के हिसाब से तय कर दिया गया है। इसे नीचे टेबल में समझते हैं।

घर का साइजकूड़ा-कचरा के लिए टैक्स
600 स्क्वायर फीट तक10 रुपये
600 से 100 स्क्वायर फीट तक50 रुपये
1000 से 2000 स्क्वायर फीट तक100 रुपये
2000 से 3000 स्क्वायर फीट तक150 रुपये
3000 से 4000 स्क्वायर फीट तक200 रुपये
40000 स्क्वायर फीट से बड़े घर400 रुपये

ऊपर बताए गए गार्बेज सेस को प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जमा कराना होगा। BBMP को उम्मीद है कि इससे हर साल 600 करोड़ रुपये मिलेंगे।

'बिहार चुनाव के लिए बेंगलुरू से धन उगाही'

भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार बेंगलुरू के कचरे को साफ करने में नाकाम रही है। कांग्रेस सरकार ने बेंगलुरू शहर को कचरे का शहर बना दिया है। अब राज्य सरकार कचरा निस्तारण के नाम पर अपना खजाना भरना चाहती है। यही नहीं उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार अपने ब्रांड बेंगलुरू के नाम पर लूट की है और अब वे कचरे के नाम पर भी लूट कर रहे हैं। यही नहीं भाजपा नेता ने तो यह तक पूछ लिया कि क्या कूड़े पर टैक्स बढ़ाकर कांग्रेस सरकार बिहार चुनाव में होने वाले खर्च के लिए धन इकट्ठा कर रही है? या यह डीके शिवकुमार की तरफ से मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने के लिए रिश्वत है।

गुस्से में स्थानीय लोग

BBMP के इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि सरकार पहले से ही कई चीजों के दाम बढ़ा चुकी है। अब कूड़ा-कचरा उठाने के बदले दाम बढ़ने से उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी। हालांकि, BBMP ने नए टैक्स पर सफाई दी है। महानगर पालिका का कहना है कि कूड़ा-कचरा उठाने और उसके निस्तारण का खर्चा बढ़ गया है, इसलिए उन्हें यह टैक्स लगाना पड़ा है। इस टैक्स से मिलने वाले पैसे को शहर को साफ-सुथरा रखने में खर्च किया जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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