Nainital Rape Case: उत्तराखंड के नैनीताल में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद शहर में तनाव फैल गया है। इस घटना के बाद विशेष समुदाय के लोगों की दुकानों में तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 30 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये मामला कोतवाल नैनीताल की तहरीर पर दर्ज किया गया, जिसमें हिंसा और उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी।
घटना के विरोध में लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बंद की घोषणा की थी। इसके चलते सभी दुकानें, रेस्टोरेंट, होटल और ढाबे बंद बताए जा रहे थे। ऐसे में, स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अगले 15 दिनों तक सत्यापन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है।
बिना डर के छुट्टियों का आनंद लें
कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत जानकारी फैलाई गई कि नैनीताल पर्यटकों के लिए सुरक्षित नहीं है और होटल बुकिंग रद्द की जा रही हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह महज एक अफवाह है। आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि नैनीताल, कैंचीधाम समेत पूरा कुमाऊं क्षेत्र सैलानियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे बिना किसी डर के नैनीताल और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करें और अपनी छुट्टियों का आनंद लें।
अफवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई
आईजी ने बताया कि सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य है और सभी ड्यूटी पॉइंट्स पर पुलिस बल तैनात है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर नैनीताल की घटना से जुड़ी भ्रामक या अफवाहपूर्ण पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।
