Bihar Politics News: बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम बहस छिड़ गई है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav Samrat Choudhary) ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सम्राट चौधरी की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है।
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav Security) और राबड़ी देवी की सुरक्षा हटाए (Rabri Devi Z Plus Security) जाने के बिहार सरकार के फैसले पर तेजस्वी यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा वापस लेना सरकार के डर को दिखाता है। तेजस्वी ने कहा, "जो लोग डरते हैं, वे सुरक्षा लेकर चलते हैं। हम किसी चीज़ से नहीं डरते।
जनता हमारे साथ है और हमारे कार्यकर्ता बहादुर हैं।" तेजस्वी ने आगे तंज कसते हुए कहा कि सम्राट चौधरी भले ही 'चीफ मिनिस्टर' (Chief Minister) बन गए हों, लेकिन अपनी सोच की वजह से वे 'चीप मिनिस्टर' (Cheap Minister) हैं।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 6 जून को बिहार सरकार के एक आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव की जेड-प्लस (Z Plus) सुरक्षा व्यवस्था को हटा दिया गया था। इसके बाद, पटना के '10 सर्कुलर रोड' स्थित उनके आवास पर तैनात बचे हुए सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया गया।
सरकारी बंगले को लेकर भी बढ़ा तनाव
सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी आवास को लेकर भी विवाद गहरा गया है। बिहार सरकार ने राबड़ी देवी को '10 सर्कुलर रोड' का बंगला खाली करने का नोटिस दिया है, क्योंकि यह बंगला अब बिहार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते पहले ही 'हार्डिंग रोड' पर एक वैकल्पिक सरकारी आवास दिया जा चुका है, लेकिन वे अभी तक वहां शिफ्ट नहीं हुई हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पलटवार
इससे पहले, शेखपुरा में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया था। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि सरकारी आवास जनता के होते हैं। इसे किसी की निजी जागीर या बपौती संपत्ति नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्होंने खुद अपना कार्यकाल समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर दिया था। इस विवाद ने बिहार की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को और बढ़ा दिया है।
