शहर

गाजियाबाद में बारिश बनी जानलेवा, जलभराव में उतरे करंट ने ले ली सिक्योरिटी गार्ड की जान

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जलभराव के बीच करंट उतरने से एक सिक्योरिटी गार्ड की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

Image

गाजियाबाद में करंट से सिक्योरिटी गार्ड की मौत

गाजियाबाद : लगातार हो रही बारिश के बाद शहर में जलभराव लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बीती रात से हुई भारी बारिश के बाद अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान चली गई। विजयनगर में जहां एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, वहीं इंदिरापुरम में जलभराव के बीच करंट उतरने से एक सिक्योरिटी गार्ड की दर्दनाक मौत हो गई।

इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के न्याय खंड-1 स्थित एक पार्क के पास गुरुवार को यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 28 वर्षीय बबलू के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का रहने वाला था और स्थानीय एक सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बबलू सड़क पार कर पार्क के पास से गुजर रहा था। बारिश के कारण वहां पानी भरा हुआ था। इसी स्थान पर बिजली का पोल और ट्रांसफार्मर भी लगे हैं। आशंका है कि जलभराव में करंट उतर आया था। जैसे ही बबलू पानी के संपर्क में आया, उसे जोरदार करंट लगा और वह मौके पर ही गिर पड़ा।

स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक की भाभी पार्वती और स्थानीय निवासी योगनी तिवारी ने भी घटना को बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article