शहर

Ram Mandir: यहां रहते थे प्रभु राम के गुरु, यहीं ग्रहण की थी शिक्षा, जानें अयोध्या से कितनी है दूरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 21, 2024, 07:16 PM IST

बाराबंकी के इस जगह से भगवान राम का पुराना नाता है। जी हां, आपको बता दें कि यही वह जगह है, जहां पर रहकर भगवान राम ने अपने भाइयों लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के साथ शिक्षा ग्रहण की थी।

Image

प्रभु राम ने यहां ग्रहण की थी शिक्षा

Photo : BCCL

Ram Mandir: रामलला के अयोध्या राम मंदिर में विराजमान होने का समय आ गया है। 22 जनवरी को प्राणप्रतिष्ठा समारोह है, जहां रामलाल बाल रूप में स्थापित होंगे। ऐसे में उनसे जुड़े स्थलों को लेकर भी लोगों में काफी उत्साह बढ़ रहा है। इन्हीं स्थलों में से एक बाराबंकी का सप्तऋषि आश्रम है। यहां प्राचीन राम, लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमा स्थापित है और रोज यहां तिलकोत्सव के साथ प्रभु राम की अराधना की जाती है। इस जगह से भगवान राम का पुराना नाता है। जी हां, आपको बता दें कि यही वह जगह है, जहां पर रहकर भगवान राम ने अपने भाइयों लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के साथ शिक्षा ग्रहण की थी।

ऐसा कहा जाता है कि यहां पहले गुरुकुल था। ऋषि-मुनि यहां निवास किया करते थे। वही यहां जो राक्षस थे वो ऋषियों को यज्ञ या कोई अनुष्ठान नहीं करने देते थे, जिस कारण सभी काफी परेशान रहते थे। तब इन राक्षसों से छुटकारा पाने के लिए गुरु विश्वामित्र खुद अयोध्या गए। उस समय श्रीराम केवल 13 वर्ष के थे। जब विश्वामित्र राजा दशरथ से चारों भाइयों को आश्रम लेकर आए थे।

अयोध्या से इतनी है आश्रम की दूरी

आश्रम की यह भूमि ऋषि-मुनियों की परंपरा से सराबोर है। महर्षि वशिष्ठ यहां अपने 100 से अधिक ऋषि पुत्रों के साथ रहा करते थे। अयोध्या से इस आश्रम की दूरी लगभग 108 किमी है. फिलहाल अयोध्या में रामलला के प्राणप्रतिष्ठा के साथ ही यहां के लोगों को यह उम्मीद है कि इस आश्रम का भी जीर्णोद्धार होगा।

यहां ग्रहण की थी शस्त्र-शास्त्र की शिक्षा

इसी आश्रम में रहकर प्रभु राम ने धनुष विद्या सीखी थी, जिसके बाद उन्होंने उन सभी राक्षसों को मार गिराया था। यहीं महर्षि वशिष्ठ ने प्रभु राम और उनके भाइयों को शास्त्र ज्ञान दिया था। वही महर्षि अगस्त ने शस्त्र और शास्त्र विद्या सीखाई थी। इस आश्रम में आज भी ऐसे कई चीजें हैं, जो इन बातों की पुष्टि करते हैं। यहां आज भी एक तीर मौजूद है, जिसे श्रीराम ने धनुष विद्या सीखते समय छोड़ा था। पास ही एक कुंआ है, जिसके पानी से वह स्नान किया करते थे।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article