महाराष्ट्र में बीएमसी समेत नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। खासकर नवनिर्वाचित शिवसेना कॉर्पोरेटर्स को लेकर को राजनीति जोरों पर है। खबरों के मुताबिक, शिवसेना के 29 कॉर्पोरेटर्स को ताज लैंड्स एंड होटल में बुलाया गया है और वहां रोक कर रखा गया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज
बीएमसी चुनाव के बाद मुंबई में मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को मुंबई के एक लग्जरी होटल में ठहराया है। शिवसेना का कहना है कि इन पार्षदों के लिए तीन दिन का वर्कशॉप आयोजित किया गया है, जिसमें एकनाथ शिंदे उन्हें बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कामकाज की जानकारी देंगे। हालांकि सूत्रों की मानें तो नए कॉर्पोरेटर्स को होटल में बुलाने का उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त या दबाव के जरिए पार्षदों को अपने गुट में लाने की कोशिश रोकी जा सके। शिंदे गुट यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि नए चुने गए पार्षद उनके पक्ष में रहें।
ताज होटल को यरवदा और आर्थर रोड जेल बना दिया
संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि शिंदे गुट ने ताज होटल को यरवदा और आर्थर रोड जेल बना दिया है, जहां नए चुने गए पार्षदों को बंद कर दिया है। उन्होंने इसे पूरी तरह नाइंसाफी और अनुचित कार्रवाई बताया। राउत ने कहा कि यह लॉ एंड ऑर्डर का सवाल है। राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद नए चुने गए शिवसेना के पार्षदों के साथ गलत किया जा रहा है। उनका आरोप है कि शिवसेना को डर है कि उनके पार्षदों को तोड़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री आदेश दें, पार्षदों को रिहा किया जाए
राउत ने कहा कि ताज होटल को एक तरह से जेल जैसा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत आदेश देना चाहिए कि होटल में बंद किए गए पार्षदों को छोड़ दिया जाए। उनका कहना है कि किसी भी चुनावी या सियासी प्रक्रिया में ऐसे डर और दबाव का इस्तेमाल करना गलत है।
शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शीतल म्हात्रे ने खारिज किए आरोप
वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शीतल म्हात्रे ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और बीजेपी ने महायुति के तहत चुनाव लड़ा है। 29 में से 20 पार्षद पहली बार चुने गए हैं और उन्हें बीएमसी के कामकाज की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें होटल राजनीति की जरूरत नहीं है। हमारे निर्वाचित पार्षदों ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों को हराया है। साथ ही उन्होंने इस आरोप को भी नकारा कि पार्षदों को बीएमसी में पदों की सौदेबाजी के लिए होटल में रखा गया है।
उद्धव ठाकरे ने मेयर पद को लेकर दिया था ये बयान
इससे पहले शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर “देव” यानी भगवान की इच्छा हुई तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिंदे गुट को अपने सहयोगी बीजेपी की ओर से तोड़फोड़ (पार्टी तोड़ने) का डर है। इसी क्रम में राउत ने कहा कि मेयर पद को लेकर उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बीच बातचीत हुई है। हम इसे तटस्थ भाव से देख रहे हैं। पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है।
ऐसे रहे थे चुनावी नतीजे
गौरतलब है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने नगर निगम चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की। 29 में से 25 निकायों में जीत दर्ज की गई, और बीएमसी चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि बहुमत (114) के लिए शिंदे सेना की मदद चाहिए। महायुति की जीत ने ठाकरे परिवार का तीन दशक का वर्चस्व खत्म कर दिया। वहीं, उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी पूरी तरह विफल नहीं हुई। उनके गठबंधन ने 71 सीटें जीतकर मुंबई के मराठी बहुल इलाके में अपना दबदबा बनाए रखा।
