शहर

सावन से पहले टूटा इंद्रदेव का कहर, अलकनंदा में समाई शिव जी की विशाल प्रतिमा - देखें हैरान कर देने वाला वीडियो

बद्रीनाथ क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मां अलकनंदा उफान पर बह रही है। गुरुवार सुबह अचानक नदी का जल स्तर बढ़ने से प्रसिद्ध कोटेश्वर गुफा भी जलमग्न हो गई, जबकि गुफा के काफी ऊपर तक पानी आ गया। ऐसे में प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के गुफा में जाने पर रोक लगाई गई है।

रुद्रप्रयाग: बद्रीनाथ क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मां अलकनंदा उफान पर बह रही है। गुरुवार सुबह अचानक नदी का जल स्तर बढ़ने से प्रसिद्ध कोटेश्वर गुफा भी जलमग्न हो गई, जबकि गुफा के काफी ऊपर तक पानी आ गया। ऐसे में प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के गुफा में जाने पर रोक लगाई गई है।

पहाड़ों में बारिश का दौर लगातार जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गुरुवार सुबह करीब साढ़े चार बजे मां अलकनंदा नदी का जल स्तर बहुत तेजी के साथ बढ़ने लगा, जिससे जिला मुख्यालय से तीन किमी की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध कोटेश्वर गुफा भी जलमग्न हो गई, जबकि गुफा के काफी ऊपर तक पानी आ गया।

यह दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस बार मानसून समय से पहले आने से ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। पहले सावन मास में भगवान शिव की गुफा जलमग्न होती थी, मगर इस बार बद्रीनाथ क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से नदी का जल स्तर बढ़ने से दो बार गुफा जलमग्न हो चुकी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि बद्रीनाथ क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश के कारण मां अलकनंदा नदी के जल स्तर में भी वृद्धि हो रही है। नदी किनारे स्थित मंदिरों में जल भराव की स्थिति पैदा होने पर लोगों के जाने पर रोक लगाई जा रही है।

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

और पढ़ें
End of Article