ऋषभ पंत, इस नाम को कौन नहीं जानता। भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। आईपीएल नीलामी 2025 में उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने 27 करोड़ रुपये की कीमत देकर खरीदा। इस तरह से वह IPL के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले ऋषभ पंत दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम से जुड़े रहे हैं और टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। आज ऋषभ पंत पर रुपयों की बरसात हो रही है। ज्यादातर लोग उनके उत्तराखंड़ में रुड़की से संबंध के बारे में जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऋषभ का पैतृक गांव कुमाऊं क्षेत्र के पिथौरागढ़ जिले में है। चलिए आज जानते हैं ऋषभ पंत के गांव के बारे में, आज वह किस स्थिति में है -
कहां है ऋषभ पंत का गांव
IPL में 27 करोड़ में बिके ऋषभ पंत का पैतृक गांव उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में है। यहां गंगोलीहाट विकासखंड में भेरंग पट्टी का पाली गांव ऋषभ का पैतृक गांव है। ऋषभ पंत का गांव तहसली मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर है। उनका यह गांव दशाईथल, आंवला घाट से करीब दो किमी की ढलान में बसा है। हालांकि, सड़क दूर होने के कारण गांव के ज्यादातर लोग पलायन कर चुके हैं।
नजदीकी शहर और एयरपोर्ट
ऋषभ पंत के पैतृक गांव पाली का नजदीकी शहर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ ही है, जो यहां से करीब 90 किमी दूर है। पिथौरागढ़ में ही नैनी-सैनी हवाई पट्टी है, जहां के लिए हवाई सेवा शुरू हो चुकी है। ऋषभ पंत के पैतृक गांव का पिन कोड़ 262522 है। ऋषभ पंत का पैतृक गांव गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र और अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
साल 2011 में हुई पिछली जनगणना के अनुसार गांव की कुल जनसंख्या 695 थी, जिसमें पुरुषों की संख्या 343 और महिलाओं की संख्या 352 थी। इस गांव की शैक्षणिक दर 63.45 फीसद थी, जिसमें पुरुषों में शिक्षा दर 69.97% और महिलाओं में 57.10% थी। गांव में करीब 150 मकान थे।
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ऋषभ पंत के पैतृक गांव पाली से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन करीब 124 किमी दूर काठगोदाम में है, टनकपुर रेलवे स्टेशन यहां से करीब 150 किमी दूर है। यहां से सबसे नजदीकी बड़ा अस्पताल पिथौरागढ़ में ही है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर बसा धारचुला पर्यटन स्थल यहां से करीब 170 किमी और नैनीताल करीब 125 किमी दूर है।
