RG Kar Case Nirmal Ghosh Arrest: कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्ष 2024 में एक महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता और हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद पीड़िता के शव का जबरन व आनन-फानन में अंतिम संस्कार कराकर साक्ष्य मिटाने के आरोपी पानीहाटी के पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस के नेता निर्मल घोष को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है।
पिता की नई शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
निर्मल घोष की यह गिरफ्तारी पीड़िता के पिता द्वारा सोमवार को दर्ज कराई गई एक नई एफआईआर (FIR) के आधार पर हुई है।
गंभीर धाराओं में केस: पुलिस ने पूर्व विधायक पर सबूत मिटाने, आपराधिक साजिश और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध काम करने पर मजबूर करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जबरन दाह संस्कार का आरोप: पीड़ित परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद निर्मल घोष उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार करवाया था ताकि कोई दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके।
बेटे पर भी हो चुकी है कार्रवाई: इससे पहले, 13 जुलाई को निर्मल घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को भी चुनाव के बाद हुई हिंसा और लॉटरी घोटाले से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।
नए सिरे से शुरू हुई निष्पक्ष जांच
पानीहाटी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद प्रशासन के निर्देशों पर बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इस कथित जल्दबाजी वाले दाह संस्कार की अलग से जांच शुरू की थी। मामले की जांच कर रही टीमों ने पाया कि श्मशान घाट पर कतार में खड़े अन्य शवों को पीछे छोड़कर पीड़िता का अंतिम संस्कार प्राथमिकता पर कराया गया था और दस्तावेजों पर भी परिजनों के स्थान पर अन्य लोगों के हस्ताक्षर लिए गए थे। इसी कड़ी में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे पूर्व टीएमसी विधायक को दबोच लिया।
