अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में प्रस्तावित 'सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना' (Siang Upper Multipurpose Project) के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। यिंगकियोंग में प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया, सड़कों को जाम किया और उनकी पुलिस के साथ भी तीखी झड़प हुई। इस दौरान स्थानीय विधायक आलो लिबांग के आवास में तोड़फोड़ की गई और कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
विधायक के आवास में घुसे प्रदर्शनकारी
प्रस्तावित बड़े बांध वाले प्रोजेक्ट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यिंगकियोंग में कई स्थानों पर सड़कें जाम कीं। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर भड़का कि वे स्थानीय विधायक आलो लिबांग के आवास में घुस गए, जहां उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की। बताया गया कि उस समय कई मंत्री और विधायक भी उनके आवास पर ठहरे हुए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, डाइटे डाइम ब्रिज के पास एक पुलिस वाहन में आग लगा दी गई। इसके अलावा जिले के अलग-अलग हिस्सों में कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की खबर सामने आई है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर भी पड़ा असर
इस हिंसक प्रदर्शन का असर मुख्यमंत्री पेमा खांडू के यिंगकियोंग दौरे पर भी पड़ा। मुख्यमंत्री का सरकारी अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक का कार्यक्रम निर्धारित था। PTI के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने ग्रैंड सियांग होटल के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री चौना मेन, कैबिनेट मंत्री ओजिंग तासिंग, न्यातो डुकाम और मुख्यमंत्री के सलाहकार निनोंग एरिंग को कार्यक्रम स्थल तक जाने से रोका गया।
मुख्यमंत्री ने पूरी की आधिकारिक बैठक
अपर सियांग के डिप्टी कमिश्नर अशोक ताजो ने बताया कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने यिंगकियोंग में निर्धारित आधिकारिक बैठक को पूरा किया। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर से जिले से रवाना हो गए। वहीं, सूत्रों के हवाले से बताया गया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपना यह दौरा तय कार्यक्रम से पहले ही समाप्त कर दिया।
लंबे समय से हो रहा है परियोजना का विरोध
प्रस्तावित सियांग परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध और आपत्तियां सामने आती रही हैं। बुधवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा बलों की तैनाती काफी बढ़ा दी गई है।
