Gurugram News: गुरुग्राम में रोड रेज का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल पर कथित हमला किया गया। पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक संदिग्ध अभी भी फरार है। घटना में पीड़ित की पहचान रिटायर्ड कर्नल अनिल यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी की रात कर्नल अनिल यादव अपने बीमार पिता से मिलने के बाद मेदांता हॉस्पिटल, सेक्टर 5 से सेक्टर 60 की ओर कार चला रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी की टक्कर एक अन्य वाहन से हो गई, जिससे दोनों पक्षों में विवाद उत्पन्न हो गया।
कोशिश नहीं नाकाम
रिटायर्ड ऑफिसर की शिकायत के मुताबिक, दूसरी गाड़ी में सवार छह युवकों ने उन्हें रोककर कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने कथित तौर पर कर्नल अनिल यादव को घूंसे मारे और उनकी कार की विंडशील्ड तथा हेडलाइट को तोड़ दिया। साथ ही, उन्होंने बीयर की बोतलों से वाहन को नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने किडनैप करने की कोशिश में उन्हें अपनी गाड़ी में जबरदस्ती बैठाने का प्रयास भी किया, लेकिन सड़क पर ट्रैफिक जाम होने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
30 हजार रुपए ट्रांसफर करने के लिए मजबूर
शिकायत में बताया गया है कि इस घटना के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से कर्नल को यूपीआई के माध्यम से 30 हजार रुपए ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया और इसके बाद मौके से फरार हो गए। हमले में कर्नल को चोटें आईं, जिन्हें आर्टेमिस हॉस्पिटल में आपातकालीन इलाज दिया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बाद कर्नल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस की कार्रवाई में देरी का आरोप भी लगाया।
इन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज
कर्नल ने यह भी कहा कि उनका बयान तुरंत दर्ज नहीं किया गया और घटना के तुरंत बाद एफआईआर भी नहीं लिखी गई। हालांकि, गुरुग्राम पुलिस ने 23 फरवरी को सेक्टर 50 पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। इसमें मारपीट, जबरन वसूली, क्रिमिनल धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल थे।
पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान पंकज (23), विकास (21), निखिल (21), साहिल (22) और अंकित कुमार (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात आरोपी बादशाहपुर में एक शादी समारोह में मौजूद थे। जांच में यह सामने आया कि इनमें से तीन आरोपी रेवाड़ी की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, जबकि बाकी स्टूडेंट हैं। एक आरोपी अभी भी फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी भी चल रही है।
(इनपुट - आईएएनएस)
