एक स्कूल की बात आते ही, सबसे पहले पढ़ाई करते बच्चे और फिर स्कूल टीचर्स की तस्वीर सामने आती है। इसके बाद स्कूल की बिल्डिंग और अन्य सुविधाओं के बारे में सोचा जाता है। आपने हमारे देश में ऐसे टीचर्स के बारे में भी सुना होगा, जो स्कूल जाते ही नहीं हैं, बल्कि अपनी जगह किसी अन्य को अटेंडेंस लगाने भेज देते हैं। लेकिन झारखंड अनोखा राज्य है। यहां 103 स्कूलों को भुतहा कहा जा सकता है, क्योंकि इनमें कोई पढ़ने वाला नहीं नहीं है। यानी यहां स्टूडेंट आते ही नहीं। यही नहीं इनमें से ज्यादातर स्कूलों में तो पढ़ाने वाला यानी टीचर भी नहीं हैं। कुछ स्कूलों में 2-3 टीचर हैं, लेकिन स्टूडेंट एक भी नहीं। चलिए जानते हैं -
स्थानीय अखबार प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में कुल 103 स्कूल बिना स्टूडेंट्स के चल रहे हैं। यही नहीं इनमें से कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिनमें टीचर हैं, उन्हें सैलरी भी मिलती है। यहां कई हाई-स्कूल हैं, जिनमें एक भी छात्र नहीं है। मतलब न पढ़ने वाले हैं और न ही पढ़ाने वाले, फिर भी स्कूल हैं।
