राँची

झारखंड में गैर असैनिक सेवा के 6 अफसरों को तोहफा, यूपीएससी ने ऐसे बनाया IAS

झारखंड में गैर असैनिक सेवा के छह अफसरों को आईएएस के रूप में प्रोन्नति मिली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बाद भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। इन अफसरों की बतौर आईएएस नए सिरे से पोस्टिंग की जाएगी।

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(फाइल फोटो)

रांची: झारखंड में गैर असैनिक सेवा संवर्ग के छह अफसरों को आईएएस के रूप में प्रोन्नति दी गई है। भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। जिन अफसरों को आईएएस बनाया जाना है, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के रूप में कार्यरत कंचन सिंह, सीता पुष्पा और प्रीति रानी, ऊर्जा विभाग में मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत विजय कुमार सिन्हा और श्रम एवं नियोजन विभाग के अफसर धनंजय कुमार सिंह एवं लाल राजेश प्रसाद शामिल हैं।

यूपीएससी ने ऐसे बनाया आईएएस

यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) ने कुछ माह पूर्व गैर असैनिक सेवा संवर्ग के कुल 21 अफसरों का इंटरव्यू लिया था, जिनमें से इन छह को आईएएस में पदोन्नति के योग्य पाया गया। यूपीएससी ने चुने गए अफसरों की सूची अपनी अनुशंसा के साथ राज्य सरकार को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बाद भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। इन अफसरों की बतौर आईएएस नए सिरे से पोस्टिंग की जाएगी।

सके पहले दिसंबर महीने में झारखंड में राज्य की प्रशासनिक सेवा संवर्ग के सात अफसरों को यूपीएससी की अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने आईएएस के रूप में पदोन्नत किया था। इन अफसरों में सुधीर बारा, अनिल कुमार तिर्की, शैल प्रभा कुजूर, नीलम लता, संदीप कुमार, पशुपति नाथ मिश्रा एवं राजकुमार गुप्ता के नाम शामिल हैं।

पदोन्नति के आधार पर आईएएस पद की ये सभी रिक्तियां वर्ष 2023 की थीं। झारखंड में आईएएस के 224 पद हैं। इनमें से करीब 40 पद रिक्त हैं। सृजित पदों से कम संख्या में आईएएस होने की वजह से कई विभागों के पद प्रभार पर चल रहे हैं या फिर एक आईएएस को कई पदों का प्रभार एक साथ दिया गया है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने पूर्व आईएएस और आईपीएस पदों पर रिक्तियों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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