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Ranchi: परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; इलाके में निषेधाज्ञा लागू

रांची में सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और छात्र नेता को हिरासत में ले लिया-

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रांची में परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन-(सांकेतिक फोटो)

Photo : Times Now Digital

Ranchi News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा सितंबर में आयोजित भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आयोग के कार्यालय के पास सोमवार को एकत्र हुए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झारखंड राज्य छात्र संघ (जेएसएसयू) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

रांची जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे से 20 दिसंबर रात आठ बजे तक एसएससी कार्यालय के 500 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि वे जेएसएससी कार्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि निषेधाज्ञा तो केवल 500 मीटर के दायरे में लागू है।

एक छात्र ने लगाया आरोप

एक छात्र ने आरोप लगाया, ‘‘हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। इसके बावजूद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और हमारे नेता देवेंद्र नाथ महतो को पीटने के बाद ले गई।’’ जेएसएसयू के तत्वावधान में कुछ अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच आयोग के कार्यालय में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई।

बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात

जेएसएससी ने 16 से 22 दिसंबर के बीच दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित 2,231 अभ्यर्थियों को बुलाया है। उन्होंने झारखंड सामान्य योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (जेजीजीएलसीसीई) उत्तीर्ण की है, जिसमें 3.04 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। रांची स्थित जेएसएससी कार्यालय के सभी प्रवेश बिंदुओं पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और अवरोधक लगाए गए हैं।

किसी को भी बिना जांच प्रवेश की अनुमति नहीं

इससे पहले, जेएसएसयू नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा था, ‘‘भारी सुरक्षा इंतजाम और निषेधाज्ञा के बावजूद छात्र जेएसएससी कार्यालय के पास इकट्ठा हो रहे हैं। हमारा मकसद आयोग की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को रोकना है।’’ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सभी प्रवेश बिंदुओं पर जांच सुनिश्चित की जा रही है और किसी को भी बिना जांच के प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

रांची प्रशासन ने रविवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह प्रदर्शन से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने छात्रों से किसी भी तरह के आक्रामक प्रदर्शन से दूर रहने का भी आग्रह किया। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ऐसी गतिविधियों से न केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ती है बल्कि इससे उनकी (प्रदर्शकारी छात्रों की) शिक्षा, भविष्य और करियर पर भी गहरा असर पड़ सकता है।’’

जेएसएससी कार्यालय के बाहर हुआ बड़ा प्रदर्शन

छात्र जेजीजीएलसीसी परीक्षाओं को लेकर विरोध कर रहे हैं जिसके माध्यम से सरकार में ज्यादातर जूनियर स्तर के पदों पर भर्ती की जाएगी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर 30 सितंबर को जेएसएससी कार्यालय के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था। जेएसएससी ने अभ्यर्थियों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। आरोपों को खारिज करते हुए जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता ने कहा कि परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की गई थी।

इनपुटः भाषा

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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