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MS Dhoni की कमाई में नहीं हुआ इजाफा, ब्रांड वैल्यू आज भी बरकरार; फिर बनें झारखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 4, 2023, 10:15 AM IST

MS Dhoni Networth: चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनकी ब्रांड वैल्यू आज भी बरकरार है। उन्होंने 38 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया है, जिसके बाद वह फिर से झारखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बन कर सामने आए हैं।

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एमएस धोनी

Photo : BCCL

MS DHONI: क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की ब्रांड वैल्यू आज भी बरकरार है। वह भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन बाजार में उनका सिक्का आज भी जमकर बोलता है। यही कारण है कि धोनी एक बार फिर से झारखंड के सबसे बड़े आयकर दाताओं में उभरकर सामने आए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयकर विभाग को किए गए भुगतान से इस बात का पता चला है कि वह झारखंड में सबसे ज्यादा टैक्स का भुगतान करने वाले व्यक्ति हैं। हालांकि, बीते वर्ष की तुलना में महेंद्र सिंह धोनी की आमदनी स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है।

धोनी ने दिया इतने करोड़ का एडवांस टैक्स

जानकारी के मुताबिक, आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आयकर विभाग को 38 करोड़ रुपये के एडवांस टैक्स का भुगतान किया है। वह राज्य में सबसे ज्यादा टैक्स पे करने वाले व्यक्ति बन गए हैं। बता दें, इससे पहले वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी धोनी ने 38 करोड़ रुपये टैक्स का भुगतान किया था।

ब्रांड वैल्यू बरकरार

आयकर विभाग को धोनी द्वारा किए गए टैक्स के भुगतान से पता चलता है कि मार्केट में उनकी ब्रांड वैल्यू आज भी बरकरार है। हालांकि, धोनी की आमदनी में कोई इजाफा नहीं देखा गया है। बता दें, महेंद्र सिंह धोनी कई कंपनियों के लिए प्रचार करते हैं। इसके अलावा एंटरटेनमेंट कंपनी, क्रिकेट कोचिंग कंपनी से भी उनकी आमदनी होती है।

आईपीएल में दिखा रहे जलवा

महेंद्र सिंह धोनी का नाम क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शुमार है, जिनका पिच पर होना ही काफी होता है। धोनी की फैन फालोइंग लाखों में है। देश ही नहीं दुनिया भर में उनके प्रशंसक हैं। भले ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन आईपीएल के मौजूद सीजन में वह चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए कप्तानी कर रहे हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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