राँची

झारखंड में भारी बारिश का कहर: 22 घंटे बाद मलबे से निकालने गए दो छात्रों के शव, मकान गिरने से गई एक बच्ची की जान

झारखंड में बारिश का कहर बरस रहा है। यहां मकान और इमारत ढहने की खबर सामने आ रही है और नदियां उफान पर हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान मलबे में दबे 2 बच्चों के शव को 22 घंटे बाद निकाला गया है। इसके अलावा रांची में मकान ढहने से 10 वर्षीय बच्ची की जान चली गई है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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झारखंड में भारी बारिश का कहर

Jharkhand Heavy Rain: झारखंड में भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। 17 जून को मानसून की एंट्री के बाद से प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश और आंधी के कारण होने वाली घटनाएं भी अब सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला झारखंड के खूंटी जिले से सामने आया है जहां भारी बारिश के कारण निर्माणाधीन कुएं के धंसने और उसके मलबे में दब जाने के कारण स्कूल के दो छात्रों की जान चली गई है। इसके अलावा रांची में एक मकान के ढहने में 10 वर्षीय बच्ची की जान चली गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का कहर जारी है। अलग-अलग जिलों में एक पुल और एक खाली आवासीय इमारत भी ढह गयी जबकि कई नदियां उफान पर हैं। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मलबे में दबने से दो बच्चों की मौत

खूंटी की उपायुक्त आर रॉनिटा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक दल को बचाव अभियान में तैनात किया गया था। जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन कुएं के धंस जाने से उसकी मिट्टी के नीचे 22 घंटे तक दबे रहने के बाद दो स्कूली छात्रों के शव को बृहस्पतिवार यानी आज बरामद कर लिए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान बुधवार रात से ही जारी था और दोनों लड़कों के आज दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बरामद किए गए हैं।

रांची में मिट्टी के मकान के ढहने से बच्ची की मौत

रांची में तमाड़ पुलिस थाना क्षेत्र के तहत मुरपा गांव में भारी बारिश के कारण मिट्टी से बना एक मकान ढहने से 10 वर्षीय एक लड़की की भी मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त लड़की घर पर अकेली थी।

भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर

भारी बारिश के कारण खूंटी के तोरपा में बनाई नदी पर पुल का एक हिस्सा भी ढह गया है जिससे खूंटी-सिमडेगा सड़क मार्ग बाधित हो गया है। रॉनिटा ने बताया कि वहां मार्ग परिवर्तित किया गया है और एनडीआरएफ का दल भी भेजा गया है। जमशेदपुर में पिछले दो दिन से मूसलाधार बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा के उफान पर होने के मद्देनजर एक अलर्ट जारी किया गया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को बताया गया कि दोनों नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पूर्व सिंहभूम जिले के प्रशासन ने दोनों नदियों के डूब वाले इलाकों में रह रहे लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

टायो रोल्स की खाली रिहायशी इमारत ढही

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रांची में पिछले दो दिन से मूसलाधार बारिश हो रही है और बृहस्पतिवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया में टाटा स्टील की सहायक कंपनी टायो रोल्स की एक खाली रिहायशी इमारत बृहस्पतिवार सुबह ढह गयी।

टाटा स्टील ने एक बयान में बताया कि इमारत को पहले ही खाली कर दिया गया था, वहां पर अवरोधक लगाए गए थे और उसे रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। रांची, सरायकेला-खरसावां और पूर्व सिंहभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो गया है। भारी बारिश के मद्देनजर बृहस्पतिवार को रांची और खूंटी समेत कई जिलों में स्कूल बंद हैं।

रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि उत्तर-पूर्व झारखंड पर निम्न दाब का क्षेत्र बनने के कारण रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के लिए अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है।

(इनपुट - भाषा)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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