राँची

बिजली उपभोक्ताओं को झटका, इस राज्य ने बढ़ाईं 40% दरें; अब एक यूनिट के लिए चुकानें होंगे इतने दाम

झारखंड बिजली विभाग ने बिजली की नई दरों का ऐलान करते हुए शहरी क्षेत्र में प्रति यूनिट 20 पैसे और ग्रामीण क्षेत्र में 40 पैसे की वृद्धि की है। नई दरों के अनुसार, शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट बिजली के लिए 6.85 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 6.70 रुपए के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा।

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झारखंड बिजली दर वृद्धि (फाइल फोटो)

रांची : झारखंड में वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी गई है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट बिजली के लिए 20 पैसे और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 40 पैसे ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। कृषि कार्यों के लिए बिजली दर में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके अलावा सभी तरह के उपभोक्ताओं को मीटर रेंट का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। 200 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह कोई भी शुल्क नहीं अदा करना होगा। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए टैरिफ की जानकारी दी।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने आयोग के समक्ष बिजली दरों में 40.02 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिस पर आयोग ने केवल 6.34 की वृद्धि की मंजूरी दी है। नई बिजली दरें तय करने से पहले राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में आयोग की ओर से जनसुनवाई की गई थी। इस दौरान आम उपभोक्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने राज्य में बिजली की दरों में 40 फीसदी से अधिक वृद्धि के प्रस्ताव पर जबर्दस्त विरोध दर्ज कराया था।

झारखंड में बिजली की नई दर कितनी?

नई दरों के अनुसार, शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट बिजली के लिए 6.85 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 6.70 रुपए के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा। नए टैरिफ में प्रावधान किया गया है कि उपभोक्ता यदि 5 दिनों के भीतर बिल भुगतान करते हैं तो उन्हें कुल बिल पर 2 प्रतिशत की छूट मिलेगी। आयोग ने जेबीवीएनएल को निर्देश दिया है कि जिस अवधि में उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति नहीं होगी, उस अवधि के लिए फिक्स्ड चार्ज की राशि नहीं ली जाए। इस राशि के समायोजन का लाभ बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्वतः मिलेगा।

फिक्स्ड चार्ज की पूरी वसूली के लिए यह अनिवार्य होगा कि एचटी (हाईटेंशन) श्रेणी के उपभोक्ताओं को 23 घंटे और एलटी (लो टेंशन) श्रेणी के उपभोक्ताओं को 21 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को एनर्जी चार्ज में 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए आयोग ने सौर समय (सुबह नौ बजे से शाम चार बजे) में 7.31 रुपए प्रति यूनिट और गैर-सौर समय में 8.77 रुपए प्रति यूनिट की दर निर्धारित की है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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