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Ranchi Hospital: रांची में वर्षों से बंद पड़ा निगम का अस्पताल फिर होगा चालू, इन इलाके के लोगों को होगा फायदा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 7, 2023, 05:12 PM IST

Ranchi Municipal Hospital: राजधानी में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी के तहत अब नगर निगम क्षेत्र में बंद पड़ा अस्पताल दोबारा चालू होगा। इसको लेकर अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया है। इसके साथ ही अधीनस्थ पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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रांची नगर निगम अपने अस्पताल को दोबारा करेगा शुरू

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • 2014 में नगर निगम ने पीपीडी मोड पर शुरू किया था अस्पताल
  • देवकमल अस्पताल के साथ मिलकर होना था संचालन
  • 2021 में अस्पताल को बना दिया गया था आइसोलेशन वार्ड

Ranchi News: शहर के रातू रोड पर वर्षों से बंद पड़ा नगर निगम का अस्पताल प्रामिस हेल्थ सेंटर फिर से चालू होगा। नगर आयुक्त ने अस्पताल का निरीक्षण कर पदाधिकारियों को जल्द इसे चालू करने का निर्देश दिया है। बता दें, नगर निगम ने 2014 में अपने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस अस्पताल की शुरुआत की थी।

उस वक्त एक प्राइवेट अस्पताल के साथ निगम के इस अस्पताल को 10 साल तक चलाने का एग्रीमेंट हुआ था। नगर निगम ने इस प्राइवेट अस्पताल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर यह अस्पताल चलाने के लिए दिया था। निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इलाज में 10-20 प्रतिशत छूट का प्रावधान था।

20 प्रतिशत बेड निगम कर्मियों के लिए रखना था रिजर्व

नगर निगम के मुताबिक, एग्रीमेंट में यह जिक्र था की अस्पताल का 20 प्रतिशत बेड निगम के कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस एग्रीमेंट को 2020 में ही समाप्त कर दिया गया था। दरअसल, ये प्राइवेट अस्पताल रांची नगर निगम की शर्तों को नहीं मान रहा था। एग्रीमेंट रद्द करने से पहले नगर निगम ने उक्त प्राइवेट अस्पताल को शोकॉज नोटिस भी जारी किया था। इसका जवाब अस्पताल प्रबंधन ने दिया था। हालांकि जवाब से निगम प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ। ऐसे में न तो टैक्स मिला और न कोई सुविधा मिली।

2021 में बना दिया गया आइसोलेशन वार्ड

निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राइवेट अस्पताल से एग्रीमेंट रद्द होने के बाद पूरे मामले की देखरेख के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें पता चला कि, अस्पताल संचालन से कोई राजस्व निगम को नहीं दिया गया। फिर 2021 में जिला प्रशासन की मांग पर निगम के इस अस्पताल को आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया। यहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जाने लगा।

सदर अस्पताल एवं रिम्स पर मरीजों का दबाव होगा कम

निगम के अधिकारी का कहना है कि, बहुत जल्द इस अस्पताल की सेवा क्षेत्रवासियों को मिलेगी। इसके दोबारा चालू करने के लिए पूरा प्रारूप तय कर लिया गया है। इस अस्पताल के शुरू हो जाने से लोगों को मामूली बीमारी एवं दवा के लिए सदर अस्पताल या रिम्स जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उन दो अस्पतालों पर से भी मरीजों का दबाव कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में अस्पताल होने से आपात स्थिति में किसी को तत्काल इलाज मिलने से उसकी जान भी बचेगी।
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