हनीट्रैप का जाल और पैसों का लालच; पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने वाला युवक गिरफ्तार
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 30, 2026, 08:36 PM IST
राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में रहकर देश की सुरक्षा से जुड़ी सूचनाएं साझा कर रहा था। प्रारंभिक जांच में उसके सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।
जैसलमेर में पाकिस्तानी इंटेलिजेंस के लिए जासूसी करने के आरोप में व्यक्ति को गिरफ्तार (सिंबॉलिक फोटो)
Rajasthan News: राजस्थान पुलिस ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की। जांच में सामने आया है कि आरोपी भारतीय सेना से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील और सामरिक महत्व की जानकारी सीमा पार भेज रहा था तथा राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त था।
पुलिस इंटेलिजेंस के अतिरिक्त महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, राज्य में सक्रिय विदेशी खुफिया नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खुफिया तंत्र को सूचना मिली कि पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा थाना अंतर्गत नेडान गांव निवासी 28 वर्षीय झबराराम की गतिविधियां संदिग्ध हैं। तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लंबे समय से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
इस तरह आरोपी को फंसाया गया
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की, जिसके दौरान और उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में कई गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने झबराराम को हनीट्रैप में फंसाया और आर्थिक लाभ का लालच दिया था। इसी लालच के चलते वह भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां साझा करने लगा।
जयपुर लाया गया आरोपी
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि आरोपी ने अपने नाम पर जारी सिम कार्ड का ओटीपी पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराया, जिससे उन्होंने व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय किया। इस अकाउंट का इस्तेमाल बाद में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जब संदेह पूरी तरह पुष्ट हो गया, तब झबराराम को केन्द्रीय पूछताछ केन्द्र, जयपुर लाया गया। एजेंसियों ने संयुक्त रूप से उससे पूछताछ की। आरोपों की पुष्टि होने के बाद राजस्थान पुलिस (इंटेलिजेंस) ने शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के अंतर्गत मामला दर्ज कर शुक्रवार को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
(इनपुट - भाषा)
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