Bijapur Naxalite Attack: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सोमवार को नक्सली हमले में जान गंवाने वाले जवान सुदर्शन वेट्टी का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जो दृश्य देखने को मिला वो वाकई में आंखे नम करने वाला था। शहीद जवान सुदर्शन वेट्टी के अंतिम संस्कार के दौरान उनके दो महीने के मासूम बेटे ने पिता को अंतिम विदाई दी, जिससे वहां उपस्थित सभी की आंखें नम हो गईं। इस हृदयविदारक दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया। सुदर्शन वेट्टी उन आठ सुरक्षाकर्मियों में शामिल थे, जिन्होंने बीजापुर जिले के कुटरू इलाके में नक्सलियों द्वारा किए गए धमाके में अपनी जवान गंवा दी थी।
दिवंगत जवानों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि
बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में जान गंवाने वाले आठ पुलिस कर्मियों और एक वाहन चालक को मंगलवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए गए। दिवंगत जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और हम राज्य में शांति स्थापित करने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने जवानों के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों पर पिछले दो वर्ष में सबसे बड़ा हमला करते हुए नक्सलियों ने सोमवार को जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के अंबेली गांव के पास करीब 70 किलोग्राम वजनी बारूदी सुरंग का इस्तेमाल कर एक स्कॉर्पियो वाहन को उड़ा दिया। इस विस्फोट में आठ सुरक्षाकर्मी मारे गए, जिनमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स के चार-चार जवान शामिल थे। ये दोनों राज्य पुलिस की इकाइयां हैं। एसयूवी में सवार जवान और वाहन का चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
यह घटना बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर हुई। यहां पुलिस लाइन करली में दिवंगत जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री साय, उपमुख्यमंत्री शर्मा, अन्य सांसदों और अधिकारियों ने जवानों को श्रद्धांजलि दी। साय ने दिवंगत जवानों और मृतक चालक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी। उन्होंने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि नक्सली बौखलाए हुए हैं और बौखलाहट में उन्होंने यह कायरतापूर्ण हरकत की है। मैं दिवंगत जवानों और चालक को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जवानों ने छत्तीसगढ़ और देश में शांति स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। निश्चित रूप से हम शांति स्थापित करने में सफल होंगे। इस दौरान मृत जवानों के परिवार की महिलाएं और बच्चे रो रहे थे जिन्हें महिला सुरक्षाकर्मी सांत्वना देने की कोशिश कर रही थीं।
शहीद सुबरनाथ यादव परिवार में थे अकेले
शहीद सुबरनाथ यादव के मित्र मनमोहन यादव ने बताया कि वर्दी पहनने और मातृभूमि की सेवा करने के अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुबरनाथ 2022 में पुलिस बल में शामिल हुए थे, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी यात्रा लंबी नहीं चली। सुबरनाथ यादव दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित छोटे तुमनार गांव के निवासी थे। मनमोहन यादव ने बताया कि तीन जनवरी को हमने सुबरनाथ का जन्मदिन मनाया था। वह यह कहकर समारोह से चले गए कि उन्हें (नक्सल विरोधी) अभियान के लिए जाना है। उन्होंने कहा था कि वह इस साल शादी करने की योजना बना रहा है और उसके लिए एक युवती की तलाश की जा रही है। इस वर्ष गांव में मकान बनाने की भी योजना थी। सुबरनाथ की मां और तीन बहनें उनकी मौत की खबर मिलने के बाद सदमे में हैं। मनमोहन ने बताया कि सुबरनाथ परिवार का एकमात्र कमाने वाला था क्योंकि उसके पिता की बहुत पहले मृत्यु हो गई थी। उनकी एक बहन की शादी हो चुकी है।
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