शहर

ड्रग माफिया पर भगवंत मान सरकार का वार, 'युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान में 89 फीसद मामलों में सजा

पंजाब में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत NDPS मामलों में सजा दर बढ़कर 89 फीसद तक पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार का फोकस अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि तस्करों को सजा दिलाने और उनके आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर भी है।

Image

भगवंत मान सरकार ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ उठाया सख्त कदम

पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाया जा रहा ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान अब एक नई दिशा में आगे बढ़रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस अभियान को सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित न रखकर सजा दिलाने पर भी जोर दिया है, जिसके परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।

NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मामलों में पंजाब की सजा दर 2026 में बढ़कर 89 फीसद तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इससे पहले 2022 में यह दर 80 फीसद, 2023 में 81 प्रतिशत और 2024 में 85 फीसदी दर्ज की गई थी। साल 2025 में यह बढ़कर 88 प्रतिशत हो गई, जो लगातार सुधार को दर्शाती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता के पीछे जांच प्रणाली में बड़ा बदलाव है। अब जांच अभियोजन-नेतृत्व में की जा रही है, जिसमें वैज्ञानिक सबूतों का इस्तेमाल, तकनीक आधारित खुफिया जानकारी और ड्रग नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखना शामिल है। इससे केस तो कोर्ट में मजबूत बन ही रहे हैं, साथ ही तस्करों को सजा मिलना सुनिश्चित हो रहा है।

राज्य में जांच अधिकारियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें फोरेंसिक जांच, सबूतों की सुरक्षा और NDPS कानून के सख्त प्रावधानों का पालन सिखाया जाता है। पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर अधिकारियों को सर्टिफिकेशन कोर्स भी कराया जा रहा है, जिससे जांच की गुणवत्ता बेहतर हुई है।

इसके अलावा, सरकार ने ड्रग तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और गुमनाम सूचना प्रणाली के जरिए नागरिकों को भी ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान से जोड़ा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि अब लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना और ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। पंजाब की यह रणनीति देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

Times Now Navbharat Digital
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें