पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को लुधियाना के किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' का उद्घाटन किया। इसके साथ ही लुधियाना में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्रांति के लिए पहचान रखने वाला लुधियाना अब शिक्षा क्रांति का भी अग्रणी जिला बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किदवई नगर स्थित स्कूल 10.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें 27 आधुनिक कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं, मिलर गंज का स्कूल 3.48 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जिसमें 11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, प्राचार्य कक्ष, लिफ्ट और अन्य आधुनिक सुविधाएं हैं।
उन्होंने बताया कि लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हो रहे हैं। जिले के करीब 200 सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे का उन्नयन किया गया है और लगभग तीन लाख विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।
पंजाब ने तय किया 27वें स्थान से पहले स्थान तक का सफर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 27वें स्थान से पहले स्थान तक का सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम, विदेशों में शिक्षकों का प्रशिक्षण और नई शिक्षण पद्धतियों के कारण अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 हो गई। इसी तरह इस वर्ष सरकारी स्कूलों के 125 से अधिक विद्यार्थियों ने JEE Main परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। लुधियाना जिले से ही 155 विद्यार्थियों ने JEE और NEET में सफलता हासिल की है।
हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इमारतें बनाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो गरीबी, बेरोजगारी और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से स्थायी समाधान दिला सकता है। सरकार का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त 'रंगला पंजाब' का निर्माण करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों स्कूलों का दौरा किया, विद्यार्थियों से बातचीत की, विज्ञान प्रयोगशालाओं और कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
