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Pune: भारत के मोस्ट हॉन्टेड किले में शामिल है पुणे का यह राज महल जानिए पूरी कहानी

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  • Updated Aug 20, 2022, 12:12 PM IST

Pune: पुणे के शनिवार वाडा को देश के सबसे डरावनी व भूतिया जगहों में से एक माना जाता है। इस किले में शाम 6.30 बजे के बाद प्रवेश वर्जित है। स्थानिय लोगों का मानना है कि यहां पर युवा पेशवा की निमर्म तरीके से हत्या की गई थी। जिसकी आत्मा यहां भटकती है और बचाने की गुहार लगाती है। हालांकि दिन के समय यहां पर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार रात में गूंजती हैं युवा पेशवा की आवाज

KEY HIGHLIGHTS
1. स्थानीय लोगों के अनुसार रात में गूंजती हैं युवा पेशवा की आवाज 2. शाम के 6:30 बजे के बाद इस किले में किसी का भी प्रवेश सख्त वर्जित3. वर्ष 1730 में हुआ इस किले का निर्माण और वर्ष 1827 में आग से बना खंडहर

Pune: भारत एक ऐसा देश है जो अपने अंदर संस्कृति और धर्म के साथ इतिहास के रहस्यों को संजोए हुआ है। यहां पर प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल तक बने कई ऐसे किले हैं, जो आज लाखों सैलानियों के लिए एक बेहतरीन पर्यटक स्थल बन चुके हैं। हालांकि इनमें से कुछ किले ऐसे भी हैं, जिनका नाम समय के साथ रहस्यमयी व भुतिया कहानियों के साथ जुड़ता गया। इनमें से एक है पुणे में बना ‘शनिवार वाड़ा’ किला है। यहां पर लोगों को असामान्य गतिविधियां देखने को मिलती रहती हैं। जिसके कारण दिन भर गुलजार रहने के बाद शाम होते ही यह विरान हो जाता है। यहां पर लोगों को शाम होने के बाद जाने से मना किया जाता है। आइये जानते हैं, इस किले का इतिहास और यहां की रहस्यमयी और डरावनी कहानियां।

शनिवार वाड़ा किले का इतिहास

इस किले की नींव पेशवा बाजी राव प्रथम ने 10 जनवरी, 1730 को रखी थी। वर्ष 1827 तक इस किले में हजारों लोग रहते थे। इतिहासकारों के अनुसार इसी साल इस किले में आग लग गई और वह पूरे एक हफ्ते तक जलती रही, जिसकी वजह से शनिवार वाड़ा खंडहर बन गया। वहीं कुछ इतिहासकारों का कहना है कि इस फोर्ट में एक नहीं बल्कि तीन से चार बार आग लगी और फोर्ट नष्ट होता चला गया। साथ ही अंग्रेजों द्वारा भी इस महल पर हमले किए गए। जिससे भी इस किले की कई मंजिलें ध्वस्त हो गईं। आज के समय में इस किले के पांच दरवाजे बचे हुए हैं, जो दिल्ली दरवाजा, खिड़की दरवाजा, गणेश दरवाजा, नारायण दरवाजा और मस्तानी दरवाजा के नाम से जाने जाते हैं। इस किले में शाम 6:30 बजे के बाद प्रवेश सख्त वर्जित है।

शनिवार वाड़ा किले की रहस्यमयी कहानियां

भारत के अन्य किलो के मुकाबले शनिवार वाड़ा किले की रहस्यमयी कहानी बेहद ही अजीबो-गरीब मानी जाती है। इस किले को भारत की देश के 10 सबसे डरावनी जगहों में गिना जाता है। स्थानीय स्तर पर प्रचलित कहानियों के अनुसार इस किले में अमावस्या की रात को एक दर्द भरी आवाज गूंजती है। यह आवाज आसपास की जगहों पर भी सुनाई देती है। लोगों का कहना है कि यह आवाज एक युवा पेशवा की है। जिसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मार डाला गया था। वहीं एक दूसरी डरावनी कहानी यह भी है, कि सत्ता की लालच में मराठाओं के पेशवा नारायण राव की इस महल में निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसकी चीखें आज भी इस किले में गूंजती है।
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