Pune News: पानी के संकट को लेकर निवासियों की तीखी आलोचना के बाद, पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने सुस और महालुंगे क्षेत्र में जलापूर्ति बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 53 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट जारी किया है। जल विभाग ने शनिवार को टेंडर जारी कर बोली प्रक्रिया के लिए एक महीने की समय सीमा दी है। अधिकारियों ने कहा है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 घंटे योजना के तहत पानी के बुनियादी ढांचे को चालू करने का काम शुरू किया जाएगा। इस बाबत जल आपूर्ति विभाग के प्रमुख अनिरुद्ध पावस्कर ने कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट आदेश जारी कर दिया गया है और दिशानिर्देशों के अनुसार बोली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जल विभाग के अनुसार शहर की तेज भौगोलिक और जनसांख्यिकीय में तेजी के कारण पानी की मांग में भारी वृद्धि हुई है। सुस और महालुंगे ने पिछले दशक के दौरान क्षेत्र में अभूतपूर्व और तेजी से शहरीकरण देखा है। हालांकि, क्षेत्र के निवासी लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे थे। निवासी पानी की मांगों को लेकर बंबई उच्च न्यायालय तक पहुंचे।
उच्च न्यायालय में जनहित याचिका
दोनों शहर के निवासियों ने पीएमसी जल आपूर्ति विभाग के खिलाफ आंदोलन किया। इसके बाद नगर निकाय ने गांवों में पानी के टैंकर तैनात कर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी। साल 2015 में सुस और महालुंगे में पानी की आपूर्ति न होने पर शहर के लोगों ने बंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की जिसमें क्षेत्र में 250 से अधिक स्थानों को अपर्याप्त पानी की आपूर्ति का दावा किया गया था। अब इस जलापूर्ति परियोजना का उद्देश्य अगले 30 वर्षों तक सभी निवासियों को सुरक्षित और समान जल आपूर्ति करना है।
जलापूर्ति परियोजना का उद्देश्य
हर दिन 24 घंटे पानी का वितरण किया जाएगा। पानी के नुकसान और गैर-राजस्व पानी की मात्रा कम की जाएगी। जल आपूर्ति सेवा की तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी। उपभोक्ता की ओर से प्रभावी पानी की खपत के आधार पर खपत और पानी के शुल्क के आवेदन की सार्वभौमिक स्मार्ट-मीटरिंग होगी। भू-स्थानिक और रीयल-टाइम डेटा को एकीकृत करने के लिए जीआईएस-आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। निवासियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए नवीन और आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) रणनीतियों को लागू करना किया जाएगा।
