Pune Crime News: पुणे में ठगी की एक हैरान कर देने वाली घटना देखने को मिली है, जहां एक शातिर ठग ने प्रतिष्ठित अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर की पहचान चुराकर एक फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया और उसका भुगतान भी नहीं किया। पीड़ित डॉक्टर को अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी का पता उस वक्त चला, जब उसने कार लोन के लिए आवेदन किया था। पीड़ित डॉक्टर की पहचान हर्षल एकतपुरे के तौर पर हुई है।
पुलिस ने बताया है कि एकतपुरे को कार लोन देने वाले बैंक ने बताया कि वह लोन लेने के पात्र नहीं हैं, क्योंकि उनके नाम पर एक फाइनेंस कंपनी का 90,000 रुपये का एजुकेशन लोन बकाया है। इसके बाद एकतपुरे को एहसास हुआ कि लोन लेने के लिए किसी ने उसके दस्तावेजों का गलत उपयोग किया है।
दस्तावेजों को सत्यापित किए बिना आरोपी को दिया लोन
एकतपुरे ने तुरंत यरवदा थाने में मामला दर्ज कराया। एकतपुरे ने अपनी पुलिस शिकायत में बताया है कि बैंक ने 21 सितंबर, 2022 को जमा किए गए उनके आवेदन को इस आधार पर ठुकरा दिया कि उन्हें पहले लिए गए लोन को चुकाने की जरूरत है। आगे पूछताछ करने पर पीड़ित एकतपुरे को पता चला कि एक निजी वित्त कंपनी ने दस्तावेजों और अन्य डिटेल्स को ठीक से सत्यापित किए बिना एक व्यक्ति को उनके नाम पर लोन दे दिया था। इसके बाद पीड़ित ने कई बार फाइनेंस कंपनी से संपर्क किया लेकिन उसे संबंधित डिटेल्स उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद एकतपुरे ने साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
डॉक्टर ने जताया इस बात का शक
डॉ एकातपुरे ने कहा है कि लोन उनके CIBIL (क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड) के स्कोर को बकाया के रूप में दिखा रहा था और इस तरह उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित कर रहा था। डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की कोचिंग क्लास के लिए ऑनलाइन फीस का भुगतान किया था। इसके लिए उन्होंने अपना पैन और आधार कार्ड की प्रतियां दी थीं। डॉक्टर को शक है कि आरोपी ने वहां से उनके दस्तावेज हासिल किए होंगे। मामले पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण कदम ने कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
