पुणे

Pune News: अवैध बाइक टैक्सियों के खिलाफ ऑटो यूनियन के प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, कई ऑटो-बाइक टैक्सी क्षतिग्रस्त

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 28, 2022, 06:13 PM IST

Pune Auto Rickshaw Union Strike: पुणे में ऑटो रिक्शा यूनियनों की हड़ताल चल रही है। सोमवार को हड़ताल ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। आरोप है कि इस दौरान कई बाइक टैक्सी वालों को पीटा गया। हड़ताल के बावजूद कई ऑटो रिक्शा में तोड़फोड़ की गई, जबकि उनमें सवारी बैठी थीं। यह आंदोलन पुणे में अवैध बाइक टैक्सी के संचालन पर रोक लगाने के लिए हो रहा है।

Image

पुणे में ऑटो-रिक्शा यूनियन की हड़ताल में की गई तोड़फोड़

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • 16 से भी अधिक ऑटो-रिक्शा यूनियन सड़क पर
  • बाइक टैक्सी चालकों को पीटा, उग्र प्रदर्शन
  • अवैध बाइक टैक्सियों पर रोक लगने तक जारी रहेगी हड़ताल

Pune News: पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बाहर ऑटो-रिक्शा यूनियन जमकर प्रदर्शन कर रही हैं। हजारों की संख्या में ऑटो चालक पुणे आरटीओ के सामने जमा हैं। इस आंदोलन में 16 से अधिक ऑटो रिक्शा यूनियन संघ शामिल हुए हैं। हड़ताल ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने शहर में सवारी ले जाने वाले ऑटो-रिक्शा को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। बाइक टैक्सी चालकों को भी पकड़कर पीटा गया। यह हड़ताल पुणे में अवैध रूप से बाइक टैक्सी के संचालन पर लगाम लगाने के लिए की जा रही है।

बता दें कि पुणे व पिंपरी चिंचवड़ में एक लाख से ज्यादा ऑटो हैं। यूनियनों ने ऐलान किया है कि जब तक अवैध बाइक टैक्सियों पर लगाम नहीं लगती, आंदोलन जारी रहेगा। ऑटो-रिक्शा यूनियन ने 28 नवंबर को बाइक टैक्सी के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया था। ऑटो-रिक्शा चालकों और यूनियन ने अब यह घोषणा की है कि हड़ताल अब अनिश्चित काल तक जारी रहेगी।

बाइक टैक्सी ऐप के प्रबंधक पर दर्ज है एफआईआर

मिली जानकारी के अनुसार आरटीओ अधिकारियों ने बंड गार्डन पुलिस थाने में गुरुवार 24 नवंबर को एक निजी ऐप कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत धोखाधड़ी और नियमों का उल्लंघन करने के लिए मामला दर्ज किया था। आरटीओ पुणे की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में महाराष्ट्र में किसी भी निजी ऐप-आधारित कंपनी को बाइक टैक्सी चलाने की कानूनी अनुमति नहीं दी गई है।

बाइक टैक्सी के खिलाफ ऑटो-रिक्शा यूनियन

जानकारी के लिए बता दें कि राज्य परिवहन विभाग बाइक टैक्सियों को वैध करने की दिशा में काम कर रहा है। नियमों में आवश्यक संशोधन करने और बाइक टैक्सी कंपनियों को अनुमति देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ऑटो-रिक्शा यूनियन इन बाइक टैक्सियों को वैध करने के खिलाफ हैं। बाइक टैक्सियों के संचालन से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई चेतावनियों के बावजूद शहर की सड़कों पर अवैध बाइक टैक्सी संचालित की जा रही हैं। जिसके विरोध में यूनियन सड़कों पर उतर आई है।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल author

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच ए... और देखें

End of Article