दिल्ली-NCR में प्रदूषण एक बार फिर सुर्खियों में है। हर कोई प्रदूषण की बात कर रहा है। लेकिन प्रदूषण से निजात फिलहाल मिलती नहीं दिख रही है। ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाए जाने जरूरी है। दिल्ली-NCR के प्रदूषण में एक बड़ा हिस्सा गाड़ियों से निकलने वाले धुंए और कार्बन डाई ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड का भी है। अब सरकारों सख्ती बरतनी शुरू कर दी है और इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने एक बड़ा कदम उठाया है। चलिए जानते हैं -
NHAI ने स्वच्छ हवा और सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। NHAI ने दिल्ली को मिलेनियम सिटी गुरुग्राम से जोड़ने वाले द्वारका एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था लागू कर दी है। इस पहल का मकसद NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना और पर्यावरण के अनुकूल यातायात को बढ़ावा देना है।
NHAI ने प्रदूषण के खिलाफ क्या कदम उठाया?
NHAI ने जो नई व्यवस्था की है, उसके तहत जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC नहीं होगा या खत्म हो चुका होगा, उनकी पहचान की जाएगी। इसकी निगरानी पूरी तरह तकनीक के जरिए की जा रही है। NHAI ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के अंतर्गत AI से लैस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए हैं। ये कैमरे एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर रियल टाइम में VAHAN डाटाबेस से PUC की मौजूदा स्थिति का पता लगाती है।
कब से चालू की गई यह व्यवस्था
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस इस प्रणाली को सक्रिय रूप से संचालित कर रही है। जिन गाड़ियों के PUC प्रमाणपत्र समाप्त हो चुके हैं, उन्हें ऑटोमैटिक तरीके से चिन्हित किया जा रहा है और कानून उल्लंघन की स्थिति में NIC के ई-चालान सिस्टम के जरिए चालान जारी किए जा रहे हैं। इस तरीके से चालान भेजने की प्रक्रिया 24 दिसंबर 2025 से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।
AQI सुधारने में मददगार होगी पहल
अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक आधारित पहल न सिर्फ प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हतोत्साहित करेगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को भी मजबूत करने में मदद करेगी। इससे वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार आने की उम्मीद की जा रही है, खासकर उन इलाकों में, जहां गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा है।
NHAI ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने वाहनों का PUC प्रमाणपत्र रिन्यू करवा लें, नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें, ताकि उत्सर्जन कम हो सके और जिम्मेदारी से गाड़ी चलाएं। NHAI का मानना है कि इस तरह के इनोवेशन देश में सुरक्षित, हरित और टिकाऊ राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
