Where is Guddu Muslim : माफिया अतीक अहमद के गुर्गों के पीछे लगी यूपी एटीएस कई का 'खेल' तमाम कर चुकी है लेकिन 'बमबाज' गुड्डू मुस्लिम अभी भी उसके हत्थे नहीं चढ़ सका है। गुड्डू मुस्लिम ही वह शख्स है जिसने गत 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल और पुलिसकर्मियों पर बम से हमला किया था। हमले की इस घटना के बाद से वह फरार चल रहा है। यूपी एसटीएफ और पुलिस की 10 टीमें गुड्डू मुस्लिम की तलाश में जुटी हैं। उसके सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया जा चुका है। बीते दिनों गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन तो ट्रेस हुई लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो जा रहा है।
उमेश पाल की हत्या के बाद कई जगहों पर दिखा 'बमबाज'
बताया जाता है कि हमले के अगले दिन 25 फरवरी को गुड्डू को झांसी में देखा गया। इसके बाद 5 मार्च को 'बमबाज' मेरठ में दिखाई दिया। इसके बाद 15 अप्रैल यानी अतीक और अशरफ की हत्या वाली रात उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के नासिक में मिली। इसके बाद उसकी अंतिम लोकेशन 17 अप्रैल को कर्नाटक में मिली। सवाल यह है कि गुड्डू मुस्लिम आखिर कहां है। वह शाइस्ता के साथ है या देश छोड़कर फरार हो गया है? उमेश पाल की हत्या के बाद से शाइस्ता भी फरार चल रही है। सवाल कई हैं जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है।
पुलिस से बचने के सभी हथकंडे जानता है 'बमबाज'
गुड्डू मुस्लिम का नाम उमेश पाल मर्डर के बाद भले ही सुर्खियों में आया है लेकिन अपराध की दुनिया से उसका नाता काफी पुराना है। वह बम बनाने में माहिर है। उसके बारे में कहा जाता है कि वह चलते-फिरते बम बना देता है। 50 साल की उम्र में भी उसके तेवर कम नहीं पड़े हैं। यूपी एटीएस के प्रमुख अमिताभ यश का कहना है कि गुड्डू मुस्लिम में इतनी क्षमता है कि वह अकेले भी बड़े वारदात को अंजाम दे सकता है। यूपी एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव तिवारी कहते हैं कि वह करीब 30-35 साल से अपराध की दुनिया में है। फरारी काटने में वह माहिर है। पुलिस से बचने के जितने भी हुनर हैं वह उनसे वाकिफ है। झांसी में असद और गुलाम के होने की सूचना जो मिली थी, वह ठिकाना भी गुड्डू मुस्लिम का ही था।
