प्रयागराज

Prayagraj: संगम नगरी में बदला बारात निकालने का ट्रेंड, दूल्हों की पहली पसंद बनीं विंटेज कारें, पढ़िए क्यों

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 6, 2023, 06:11 PM IST

Prayagraj: दुल्हों को बग्घी या घोड़े पर बारात निकालने की जगह राजा महाराजाओं के जैसे पुरानी शाही कारें भाने लगी हैं। संगम नगरी के अशोक नगर इलाके में एकमात्र विंटेज कार बुकिंग केंद्र है। मध्य प्रदेश के भोपाल व राजस्थान की तर्ज पर अब संगम नगरी में भी विंटेज कारों की मांग बढ़ने लगी है। शादियों का सीजन शुरू होने के कई महीने पहले इन पुरानी कारों की बुकिंग आरंभ हो जाती है।

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प्रयागराज में विंटेज कारें बनी दुल्हों की पहली पसंद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • संगम नगरी में मौजूद हैं पुरानी विंटेज रॉल्स रॉयस कारें
  • शादियों में अब बारात निकालने का ट्रेंड विंटेज कारों से होने लगा है
  • मांग बढ़ने पर पुरानी विंटेज कारें अन्य शहरों से मंगवाई जाती है


Prayagraj: संगम नगरी प्रयागराज में अब बारात निकालने का ट्रेंड बदलने लगा है। शहर में दुल्हों को बग्घी या घोड़े पर बारात निकालने से परहेज होने लगा है। बदलते समय के साथ वहीं पुराना दौर लौटने लगा है, पहले के राजा महाराजाओं के जैसे दुल्हों को भी अब पुरानी शाही कारें भाने लगी हैं। गौरतलब है कि, संगम नगरी के अशोक नगर इलाके में एकमात्र विंटेज कार बुकिंग केंद्र है।

यहां पर ही शादियों के लिए विंटेज कारों की बुकिंग की जाती है। बता दें कि, मध्य प्रदेश के भोपाल व राजस्थान की तर्ज पर अब संगम नगरी में भी विंटेज कारों की मांग बढ़ने लगी है। शादियों का सीजन शुरू होने के कई महीने पहले इन पुरानी कारों की बुकिंग आरंभ हो जाती है। हालांकि विंटेज कारों की मांग केवल शादियों तक ही सीमित नहीं हैं, इसके अलावा कई अन्य कार्यक्रमों में इनके जरिए शाही अंदाज फील किया जा रहा है। विंटेज कारों की मांग बढ़ने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, इनकी बुकिंग के लिए लोग एक्स्ट्रा पैसा खर्च करने को तैयार हो जाते हैं।

आज भी जिंदा हैं पुरानी कारें

आज के युग में एक से बढ़कर एक आलीशान लग्जरी कारें देश की सड़कों पर दौड़ रही हैं। मगर बीते दौर की पुरानी कारों को इनके मालिकों ने अब तक सहेज रखा है। इनके राजसी वैभव को बरकरार रखने के लिए वे कड़ी मेहनत करते हैं। गौरतलब है कि, 1934 और 1938 के दशक में रॉल्स रॉयस राजा - महाराजाओं की शाही सवारी मानी जाती थी। इस कार को भारत का सितारा भी कहा जाता था। इस कार की सबसे अधिक मांग रहती है। हालांकि इसके इतर अन्य विंटेज कारों के मॉडल लोग मांगते हैं। इस कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, विंटेज कारों का मेंटनेंस काफी कठिन होता है। कारों के कई पार्ट्स को बदला जाता है। हालांकि इनकी बाॅडी तो पुरानी होती है, मगर इसे अंदर से लग्जरी लुक दिया जाता है।

अधिक मांग होने पर बाहर से आती हैं कारें

विंटेज कारों की बुकिंग के कारोबार से जुड़े आयुष के मुताबिक, प्रयागराज में इस समय हर पांचवीं शादी में पुरानी कारों की मांग रहती है। शहर में 1934 और 1965 मॉडल की रॉल्स रॉयस मौजूद है। इनके अलावा मांग बढ़ने पर बाहर से विंटेज कारों को मंगवाया जाता है।
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