प्रयागराज

Prayagraj: प्रयागराज के किसानों को सरकार का नए साल में ये तोहफा, अब एप के जरिए बिकेंगे जैविक उत्पाद, खुल रहा ये बाजार

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 14, 2022, 07:52 PM IST

Prayagraj: संगम नगरी में यूपी का पहला जैविक उत्पादों का बाजार बनकर तैयार हो गया है। जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में इसे शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि, मार्केट के आरंभ होने के बाद बायो फार्मिंग कर रहे जनपद के करीब 6 हजार से भी अधिक धरती पुत्रों को इसका फायदा मिलेगा। गंगा किनारे बसे करीब 110 गांवों के साढ़े छह हजार से भी अधिक किसानों के जैविक उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगेंगे। जनपद में 3 हजार 790 हेक्टेयर से अधिक इलाके में किसान जैविक खेती कर रहे हैं।

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सरकार का किसानों को नए साल का तोहफा, खुलेगा पहला जैविक उत्पाद बाजार (फाइल फोटो)

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • संगम नगरी में यूपी का पहला जैविक उत्पादों का बाजार बनकर तैयार
  • 6 हजार से भी अधिक धरती पुत्रों को मिलेगा इसका फायदा
  • 110 गांवों के किसानों के जैविक उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगेंगे

Prayagraj: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों के हितों को लेकर अच्छे मूड में है। प्रदेश सरकार ने आने वाले नए साल में प्रयागराज जनपद के किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। संगम नगरी में यूपी का पहला जैविक उत्पादों का बाजार बनकर तैयार हो गया है।

कयास है कि, जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में इसे शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि, मार्केट के आरंभ होने के बाद बायो फार्मिंग कर रहे जनपद के करीब 6 हजार से भी अधिक धरती पुत्रों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं शहर के लोगों को अब घर बैठे ही जैविक सब्जी मंगाने का मौका मिलेगा।

यहां खोली जाएगी पहला बायो मार्केट

प्रयागराज मंडल के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर विनोद कुमार के मुताबिक, प्रदेश सरकार की ओर से जैविक खेती को दिए जा रहे प्रोत्साहन के चलते प्रयागराज के हजारों किसान फार्मिंग की पुरानी तकनीक छोड़कर अब जैविक खेती अपना चुके हैं। जनपद के 6 हजार 554 किसानों के जैविक उत्पादों के लिए संगठित बाजार को खोजना था। अब संगम नगरी के मुंडेरा सब्जी मंडी में सूबे का पहला जैविक उत्पादों का संगठित बाजार बनकर तैयार हो गया है। अब जनवरी में इसे आरंभ किया जाएगा।

110 गांवों के अन्नदाता होंगे मालामाल

उप निदेशक कृषि विनोद कुमार के मुताबिक, प्रयागराज में गंगा किनारे बसे करीब 110 गांवों के साढ़े छह हजार से भी अधिक किसानों के जैविक उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगेंगे। जनपद में 3 हजार 790 हेक्टेयर से अधिक इलाके में किसान जैविक खेती कर रहे हैं। बता दें कि, नमामि गंगे योजना के साथ जोड़ कर जिले में 5 साल में बायो फार्मिंग का रकबा तो 10 गुणा से भी अधिक बढ़ गया। मगर सबसे बड़ी दिक्कत इनके उत्पादों को बाजार नहीं मिलना थी। अब संगठित बाजार के जरिए इनके उत्पाद घरों तक आसानी से पहुंचेंगे।

एप के जरिए पहुंचेंगे घरों में जैविक उत्पाद

कृषि उप निदेशक के मुताबिक, जैविक उत्पाद होने के चलते इसे संगठित जैविक बाजार नाम दिया गया है। डीएम संजय कुमार खत्री के मुताबिक, जैविक उत्पादों के इस बाजार में किसानों के जैविक उत्पादों को लोगों तक पहुचाने के लिए तीन लेवल पर व्यवस्था की गई है। जिसमें मुंडेरा सब्जी मंडी में बनाये जैविक उत्पादों के स्थाई बाजार के अलावा उत्पादों को डिलीवरी वैन से शहर के मुख्य पौश क्षेत्रों में भी पहुंचाया जाएगा। वहीं डिजिटल जरिए से भी जैविक उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए संगम जैविक नाम से एप बनाया गया है।
टाइम्स नाउ नवभारत
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