प्रयागराज

महाकुंभ में संगम तट पर क्यों मची भगदड़, जानें असली वजह; SSP बोले, कोई भगदड़ नहीं मची

आज मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुम्भ में अमृत स्नान है। इस अवसर पर संगमनगरी में 10 करोड़ लोगों के डुबकी लगाने की संभावना है। भारी भीड़ के बीच देर रात संगम रूट पर भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर है। चलिए जानते हैं आखिर यह भगदड़ क्यों मची।

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प्रयागराज में देर रात भगदड़ जैसे हालात

Photo : PTI

आज मौनी अमावस्या के अवसर पर संगमनगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। एक अनुमान के मुताबिक आज 8-10 करोड़ लोगों के संगमा में डुबकी लगाने की संभावना है। प्रशासन ने इतनी भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था भी की है। लेकिन इसके बावजूद रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच संगम तट पर भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में कई लोगों के मारे जाने की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की गुजारिश की है। प्रश्न ये है कि देर रात आखिर संगम तट पर ऐसी भगदड़ क्यों मची? चलिए जानते हैं -

आज मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ का अमृत स्नान है। इस दिन महाकुंभ के इतर भी पवित्र नदियों में स्नान का अलग ही महत्व है। महाकुंभ के चलते अमृत स्नान के लिए प्रयागराज में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं। श्रद्धालु पिछले 2-3 दिन से ही यहां आने शुरू हो गए थे। महाकुंभ और मौनी अमावस्या का दुर्लभ संयोग है। कुंभ हर 12 साल बाद आता है और एक साल में 12 ही अमावस्या होती हैं। इसलिए कुंभ के दौरान पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर स्नान और दान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

कब मची भगदड़

रात 12 बजे के बाद मौनी अमावस्या का स्नान करने के लिए संगम तट पर भारी संख्या में श्रद्धालु जट गए। रात करीब 1 से डेढ़ बजे के बीच संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। इसी दौरान वहां भगदड़ मचने की खबर आई। भगदड़ के बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन एक्शन में आए और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।

क्यों मची भगदड़

प्रश्न यही है कि आखिर 13 जनवरी से ही महाकुम्भ का स्नान शांतिपूर्वक चल रहा था। यहां की व्यवस्था को लेकर लोग जमकर तारीफ कर रहे थे। आखिर देर रात ऐसा क्या हुआ कि वहां भगदड़ मच गई। स्पेशल एग्जक्यूटिव ऑफिसर आकांक्षा राणा ने बताया कि संगम रूट पर भगदड़ जैसे हालात बन गए, क्योंकि वहां कुछ बैरिकेड टूट गए थे।

दरअसल वहां मौजूद लोगों ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि जब भीड़ का दबाव बढ़ा तो पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी। कुछ श्रद्धालुओं ने इन बैरिकेड के ऊपर से कूदने की कोशिश की, जिसके कारण बैरिकेड टूट गए और श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई।

कोई भगदड़ नहीं मची - SSP

इस बीच कुंभ मेला क्षेत्र के SSP राजेश द्विवेदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वहां कोई भगदड़ नहीं मची। उन्होंने कहा कि वहां काफी भीड़ थी, जिसकी वजह से कुछ श्रद्धालु घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हालात काबू में हैं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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